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गुड़िया केस: इस पुलिस अफसर की गिरफ्तारी से मचा सबसे ज्यादा हड़कंप, नेता भी परेशान

Thu, 31 Aug 2017 08:54 AM IST
चैतन्य ठाकुर/अमर उजाला, शिमला
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शिमला के गुड़िया गैंगरेप एंड मर्डर केस में सीबीआई ने हिमाचल पुलिस के आठ बड़े अफसरों को गिरफ्तार कर लिया। ये अफसर उस एसआईटी का हिस्सा थे जिसे इस मामले की जांच के लिए बनाया गया था। लेकिन अब पूरी एसआईटी ही जेल की सलाखों के पीछे चली गई। इनमें एक अफसर ऐसा है जिसकी गिरफ्तारी से सबसे ज्यादा हड़कंप मचा हुआ है।
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आईजी जहूर हैदर जैदी के गिरफ्तार होने की खबर से प्रदेश पुलिस मुख्यालय में हड़कंप मच गया है। जैदी को सीबीआई ने क्यों गिरफ्तार किया? इसका जवाब तलाशने के लिए शासन में बैठे बड़े-बड़े हुक्मरान भी परेशान हो गए, लेकिन सटीक जवाब किसी को नहीं मिला। सीबीआई ने केवल इतना कहा कि पुलिस हिरासत में सूरज की मौत को लेकर ये गिरफ्तारियां की गई हैं।
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पुलिस प्रशासन इतना जरूर मानकर चल रहा था कि इस मामले में एक डीएसपी और एक इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी समेत थाने में उस समय मौजूद पुलिस कर्मचारी सीबीआई हिरासत में जा सकते हैं, लेकिन जैदी की गिरफ्तारी पुलिस मुख्यालय के गले नहीं उतर रही है। वजह जो भी हो वह आने वाले दिनों में सीबीआई साफ कर देगी।

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बहरहाल, सीबीआई के इस कदम से आस जगी है कि गुड़िया को अब जल्द न्याय मिल सकता है। सूत्र बताते हैं कि मंगलवार सुबह आईजी जैदी को सीबीआई के शिमला कार्यालय में बुलाया गया। वह सरकारी गाड़ी में ड्राइवर और पीएसओ के साथ पहुंचे। वहां पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। सूरज की हत्या से ठीक एक दिन पहले जैदी शिमला में ही थे।
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उसकी मौत की खबर सुनने की अगली सुबह आठ बजे वह कोटखाई रवाना हुए। वह थाने में पहुंचे और उसी दौरान भीड़ हिंसक हो गई और थाने में आग लगा दी। उस समय जैदी को भीड़ से बचाने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। गुड़िया प्रकरण में जन आक्रोश बढ़ने पर प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने आईजी जहूर हैदर जैदी की निगरानी में एसआईटी का गठन किया।
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इसके बाद जैदी ने एसआईटी के साथ कोटखाई में डेरा डाला। जैदी ने सबसे पहले मामले में आशीष चौहान की गिरफ्तारी का खुलासा किया। इसके चंद घंटे बाद राजू, सुभाष सिंह, दीपक, सूरज, लोकजन उर्फ छोटू को भी आरोपी बताते हुए हिरासत में ले लिया गया। इसी दिन प्रदेश पुलिस मुख्यालय पहुंचकर डीजीपी सोमेश गोयल को केस की रिपोर्ट दी और आनन-फानन में प्रेस कांफ्रेंस कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा कर दिया। इसके बाद आईजी छुट्टी पर चले गए थे। 
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आईजी जैदी ने दावा किया था कि मामले के 8 दिन बाद पुलिस ने हत्याकांड की गुत्थी सुलझा दी है। इस मामले में पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रेस वार्ता के दौरान डीजीपी सोमेश गोयल ने कहा था कि मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी। इसके मुखिया आईजी जहूर जैदी थे। उन्होंने कहा कि उन्हें हर तरह से आजाद रखा गया था, ताकि जांच में कोई परेशानी न आए। 
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एसआईटी के अध्यक्ष जहूर जैदी ने दावा किया था कि इस मामले 84 लोगों से पूछताछ, 20 लोगों के कॉल रिकॉर्ड खंगाले, 4 मोबाइल टॉवर की लोकेशन के आधार तथा वैज्ञानिक तरीके की जांच और सुबूत के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार किया। प्रेस वार्ता के दौरान जैदी ने तकनीकी और सांइटिफिक एविडेंस का दावा कर इसे निर्भया कांड से भी खतरनाक बताया, क्योंकि लड़की के पास न तो मोबाइल था और न ही कोई गवाह। निर्भया मामले में पीड़ित ने खुद बयान दिए थे और उसका दोस्त गवाह था।
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