अमृतसर से मां ज्वालामुखी के दर्शन के लिए सारी रात बस में सफर कर चिंतपूर्णी पहुंचे श्रद्धालुओं को क्या पता था कि यह सफर उनको गहरे जख्म दे जाएगा। बात दें हिमाचल के कांगड़ा के ढलियारा में बस गिरने से 10 लोगों की मौत हुई है जबकि 70 घायल हैं।
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वीरवार सुबह करीब नौ बजे श्रद्धालुओं की बस ज्वालामुखी के लिए रवाना हुई। बस में सवार महिला श्रद्धालु सुनीता ने बताया कि बस यात्रियों ने चालक को कई बार कहा।
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चालक को कहा कि कि बस धीरे चलाए, लेकिन चालक ने उन्हें कहा कि जय माता की बोलते रहें, कुछ नहीं होगा। चालक बस को तेजरफ्तार से दौड़ाता रहा और थोड़ी देर बाद ही ढलियारा के पास पहुंचने पर यह हादसा हो गया।
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बस के खाई में गिरते ही घटनास्थल पर चीखोपुकार मच गई। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को बाहर निकालना शुरू कर दिया। हादसे के दौरान यात्री अपनों को ढूंढने में लगे थे। छोटे बच्चे फफक-फफक कर रो रहे थे।
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कुछ बच्चे अपनी मां या अपनों को पास न देखकर बिलख रहे रहे थे। घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल था। हादसे की सूचना मिलते ही ढलियारा के टैक्सी चालकों और युवा मंडल सदस्यों ने घटनास्थल पर पहुंच कर घायलों को बस से बाहर निकालना शुरू कर दिया।
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हादसे के तुरंत बाद पुलिस और एंबुलेंस भी पहुंच गई। इसके बाद राहत कार्य में तेजी आई। लोगों ने किसी तरह घायलों को बस से बाहर निकाला, लेकिन घायलों को सड़क तक पहुंचाने के लिए बचाव कार्य में लगे लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। ढलान के कारण घायलों को रस्सियों के सहारे सड़क तक पहुंचाया गया।
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घटनास्थल पर ढलियारा के स्थानीय लोगों और अस्पताल में देहरा के लोगों का बड़ा सहयोग रहा। घटनास्थल का पूर्व विधायक योगराज ने भी दौरा किया। हादसे की सूचना मिलने के करीब एक घंटे बाद जिलाधीश कांगड़ा सीपी वर्मा और एसपी संजीव गांधी भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य का जायजा लिया।
हादसे में मृतक दो यात्रियों के शव बस के नीचे बुरी तरह फंस गए थे। उन्हें काफी मशक्कत के बाद भी बाहर निकालने के प्रयास सफल नहीं हो पाए। इसके बाद दो जेसीबी मशीनें मंगवाईं गईं और जेसीबी ने बस तक पहुंचने के लिए एक रास्ता बनाया। इसके बाद बस को जेसीबी के जरिए पलटा कर नीचे फंसे दो शव बाहर निकाले गए।