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'अब बैंकों में जमा ब्लैक मनी को व्हाइट करने वालों की खैर नहीं'

Mon, 12 Dec 2016 09:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
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हिमाचल के सोलन जिले के ऐतिहासिक ठोडो मैदान में त्रिदेव सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि नोटबंदी के बाद जो लोग बैंक में पैसा जमा करवाकर उसे व्हाइट करार देते हुए चैन की नींद सो रहे हैं। अब समय आ गया है कि ऐसे लोगों को चिहिंत कर उस जमापूंजी पर टैक्स और जुर्माना लगाकर देश के विकास में लगाया जाए।
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वहीं उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर बाबा को विकास नहीं दिखता तो वह इटालियन चश्मा उतारकर मेड इन इंडिया भारतीय चश्मा अवश्य पहनें। उन्होंने कहा कि नोटबंदी सर्जिकल स्ट्राइक की तरह एक ऐतिहासिक कदम है। पीएम जानते हैं कि नोटबंदी के बाद जनता को तकलीफ हो रही है।
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लेकिन अगर शरीर के किसी सड़े अंग को आपरेशन करके निकालना है तो रोगी को कुछ देर के लिए पीड़ा तो होगी और अस्पताल में भी रहना पड़ेगा। इसलिए 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा के दौरान उन्होंने जनता से पचास दिन की तकलीफ सहने की अपील की थी और कर रहे हैं।

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लेकिन सोनिया गांधी, राहुल बाबा, गुलाम नबी आजाद, टीएमसी की संस्थापक नेता ममता बनर्जी, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के अलावा बसपा और सपा नोटबंदी को स्कैम बताकर विरोध कर रहे हैं।
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लेकिन जनता एक बात जानती है कि भ्रष्टाचार करने वाला कभी भी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई नहीं छेड़ सकता। पीएम नरेंद्र मोदी पाक साफ हैं, इसलिए उन्‍होंने कलम के एक झटके से भारतीय इतिहास में नोटबंदी जैसा ऐतिहासिक फैसला लिया और कांग्रेस और यूपी की भ्रष्ट पार्टियों को वेंटिलेटर पर लेटा दिया।
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राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस समानता में सिर्फ भ्रष्टाचार करना जानती है। यह ऐसी सरकार है, जिसने अंतरिक्ष से लेकर पाताल तक घोटाले किए हैं। अंतरिक्ष में टूजी और इसरो स्कैम, आकाश में वेस्ट लैंड और एयर इंडिया बस स्कैम, समुंद्र में सबमैरीन घोटाला यहां तक की पाताल में कोयला घोटाला किया है।
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अमित शाह ने चुटकी लेते हुए कहा कि राहुल बाबा पूछते हैं भाजपा ने 2.5 साल के अपने शासनकाल में क्या किया। कहा कि सबसे सबसे पहले तो देश को बोलने वाला प्रधानमंत्री दिया। पहले तो दस साल तक मनमोहन सिंह की आवाज केवल राहुल और उनकी माता ही सुन पाए।

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राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि उड़ी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक एक हिम्मत वाला फैसला है। अब पाक बार्डर पर गोली चलाने के लिए भारतीय सैनिक को दिल्ली या आला अधिकारियों की मंजूरी लेने की जरूरत नहीं। अगर पाक सैनिक एक गोली भारतीय सीमा में दागता है तो उसका जवाब भारतीय सैनिक बम से देता है।

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पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि कांग्रेस प्रदेश सरकार की विकासात्मक अधिसूचनाओं और योजनाओं को दबा रही है। हिमाचल को स्पेशल स्टेटस मिलने की खबर वीरभद्र सरकार ने दबा दी थी।

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thodo ground rally
जब कुछ अफसरों ने इसकी जानकारी उन्हें दी तो उन्होंने सत्र के दौरान अधिसूचना की कापी लहराई, जिसके बाद स्पेशल स्टेटस का दर्जा वापिस मिलने की बात कबूल करते हुए केंद्र सरकार का थैंक्स किया।

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उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी हिमाचल में 61 एनएच, 04 फोरलेन और छह ओवरब्रिज की सौगात दे गए हैं। लेकिन वीरभद्र की कांग्रेस सरकार से एक भी डीपीआर बनने की आस नहीं थी।

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जिसके चलते देश में ऐसा पहली बार हुआ की यह सारा कार्य आउटसोर्स किया गया। यहां तक की केंद्र सरकार ने डीपीआर तक बनाने के लिए 261 करोड़ रुपए मंजूर कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि वीरभद्र की कांग्रेस सरकार अंतिम सांसे गिन रही है।

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मुख्य सड़कें बेकार हैं। लिंक रोड़ बदहाल हैं। विकास योजनाएं अधर में लटकी हैं। वहीं विधानसभा चुनावों में सभी श्रेय भाजपा की झोली में आएगा। कहा कि केवल सामान्य बागवानों के सेब के बागीचों में सरकार की कुल्हाड़ी चल रही है।

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क्या सुना है कि किसी नेता के बागीचे में कुल्हाड़ी चली हो। कहा कि हर वर्ग का कर्मचारी वीरभद्र सरकार से नाराज हैं। पढ़ा लिखा बेरोजगार भी कांग्रेस सरकार की कार्यप्रणाली से आहत है।

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने वीरभद्र सरकार पर निशान साधते हुए कहा कि विकास कार्यों के नाम पर कांग्रेस प्रदेश में कमीशन का खेल खेल रही है। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिमाचल के विकास के लिए पैसा पानी की तरह बहा रहे हैं, लेकिन हिमाचल के नेतृत्व वाले लोटे में ही छेद है। इस विकास रूपी पानी को संभालने में कांग्रेस नाकाम साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि नाहन में मेडिकल कॉलेज उन्होंने डॉ. राजीव बिंदल की सहायता से इस वर्ष मुश्किल से शुरू किया, लेकिन चंबा मेडिकल कॉलेज में एमसीआई की आपत्ति को अभी तक सुलझाया नहीं गया है। हमीरपुर में फॉरेस्ट क्लीयरेंस नहीं मिली है।
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लिहाजा, प्रदेश दो मेडिकल कॉलेजों से महरूम रह सकता है। उन्होंने एम्स, केंद्रीय विद्यालय, बिलासपुर हाइड्रोलॉजी इंजीनियरिंग कॉलेज के अलावा शिमला और टांडा में 150-150 करोड़ से बनने वाले सुपरस्पेशिएलिटी ब्लॉक के अलावा मंडी, कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर, पालमपुर में ट्रॉमा सेंटर का भी जिक्र किया। यहां के लिए विभिन्न योजनाओं में करोड़ों रुपये जारी हो चुके हैं, लेकिन विकास योजनाएं आगे नहीं बढ़ सकी हैं। इसके अलावा अस्पतालों में अमृत योजनाओं के तहत गरीबों को 60 से 90 फीसदी से कम दरों पर मिलने वाली दवाओं की दुकानों के लिए जगह नहीं मिल सकी है।
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