भीम ने यहां बनाईं थी स्वर्ग जाने के लिए सीढ़ियां, आज भी है मौजूद
Wed, 27 Apr 2016 12:10 AM IST
टीम डिजीटल/अमर उजाला, शिमला
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शायद आपको ये जानकर यकीन नहीं होगा कि महाबली भीम ने स्वर्ग को जाने के लिए जो सीढ़ियां बनाई थी वह आज भी मौजूद हैं। मगर ये सच है। हिमालय में ये जगह आज भी सुरक्षित है। आइए हम आपको बताते हैं...
- फोटो : अमर उजाला
शायद आपको ये जानकर यकीन नहीं होगा कि महाबली भीम ने स्वर्ग को जाने के लिए जो सीढ़ियां बनाई थी वह आज भी मौजूद हैं। मगर ये सच है। हिमालय में ये जगह आज भी सुरक्षित है। आइए हम आपको बताते हैं...
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ये खास जगह हिमाचल के जिला कुल्लू स्थित भीम बही है। यह श्रीखंड महादेव जाने वाले रास्ते में पड़ता है। यहां आज भी स्वर्ग को जाने वाली सीढ़ियां मौजूद हैं। हालांकि समय बीतने के साथ जो सीढ़ियां बनाई गई थी वह थोड़ा टूट फूट गई हैं।
ये खास जगह हिमाचल के जिला कुल्लू स्थित भीम बही है। यह श्रीखंड महादेव जाने वाले रास्ते में पड़ता है। यहां आज भी स्वर्ग को जाने वाली सीढ़ियां मौजूद हैं। हालांकि समय बीतने के साथ जो सीढ़ियां बनाई गई थी वह थोड़ा टूट फूट गई हैं।
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कहा जाता है कि अज्ञातवास के दौरान पांडव यहां ठहरे थे। इसी दौरान महाबली भीम ने खास तरह की विशालकाय चट्टानों से यहां स्वर्ग जाने के लिए सीढ़ियां बनानी शुरू की थी। भीम शक्तिशाली थे इसीलिए यहां जो शिलाएं हैं वे सिर्फ वही उठा सकते हैं। कहते हैं कि ये शिलाएं दूर पहाड़ से यहां लाई गई हैं।
कहा जाता है कि अज्ञातवास के दौरान पांडव यहां ठहरे थे। इसी दौरान महाबली भीम ने खास तरह की विशालकाय चट्टानों से यहां स्वर्ग जाने के लिए सीढ़ियां बनानी शुरू की थी। भीम शक्तिशाली थे इसीलिए यहां जो शिलाएं हैं वे सिर्फ वही उठा सकते हैं। कहते हैं कि ये शिलाएं दूर पहाड़ से यहां लाई गई हैं।
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खास तरह की ये शिलाएं दूर पहाड़ से लाकर यहां जमा की गई और इन्हें तराशा भी गया। इन पर तराशने और लेख के निशान आज भी देखे जा सकते हैं।
खास तरह की ये शिलाएं दूर पहाड़ से लाकर यहां जमा की गई और इन्हें तराशा भी गया। इन पर तराशने और लेख के निशान आज भी देखे जा सकते हैं।
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ये भारी भरकम चट्टानें यहां आज भी मौजूद हैं जिनपर खास तरह के लेख भी विद्यमान हैं। कहा जाता है कि भीम ने काफी दूर तक इन सीढ़ियों का निर्माण कर दिया था। मगर समय की कमी के चलते वह इसका निर्माण पूरा नहीं कर पाए। पांडव यहां से वापस लौट गए थे।
ये भारी भरकम चट्टानें यहां आज भी मौजूद हैं जिनपर खास तरह के लेख भी विद्यमान हैं। कहा जाता है कि भीम ने काफी दूर तक इन सीढ़ियों का निर्माण कर दिया था। मगर समय की कमी के चलते वह इसका निर्माण पूरा नहीं कर पाए। पांडव यहां से वापस लौट गए थे।
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तब से लेकर ये सीढ़ियां जस की तस है। श्रीखंड जाने वाले श्रद्घालु यहां पूजा करना कभी नहीं भूलते। धुंध से ढकी वादियों के बीच इन शिलाओं पर चढ़कर ऐसा एहसास होता है कि मानो आप जन्नत पहुंच गए हों।
तब से लेकर ये सीढ़ियां जस की तस है। श्रीखंड जाने वाले श्रद्घालु यहां पूजा करना कभी नहीं भूलते। धुंध से ढकी वादियों के बीच इन शिलाओं पर चढ़कर ऐसा एहसास होता है कि मानो आप जन्नत पहुंच गए हों।
श्रीखंड महादेव के रास्ते में पार्वती बाग भी पड़ता है। पहाड़ के बीचोंबीच स्थित इस जगह पर हर मौसम में अलग अलग किस्म के फूल खुद ही उग आते हैं। हिमाचल में और जगहों पर भी ऐसे ही ऐसी ही कई ऐतिहासिक स्थान हैं जहां पांडवों ने कई अद्भुत काम किए थे।
श्रीखंड महादेव के रास्ते में पार्वती बाग भी पड़ता है। पहाड़ के बीचोंबीच स्थित इस जगह पर हर मौसम में अलग अलग किस्म के फूल खुद ही उग आते हैं। हिमाचल में और जगहों पर भी ऐसे ही ऐसी ही कई ऐतिहासिक स्थान हैं जहां पांडवों ने कई अद्भुत काम किए थे।