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8 जून, दोस्तों के सामने ही बह गए थे 24 इंजीनियरिंग छात्र

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8 जून, आज से ठीक एक साल पहले हिमाचल में अब तक का सबसे बड़ा हादसा हो गया था। आइए जानते हैं इस दर्दनाक हादसे की पूरी कहानी..
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8 जून, दोस्तों के सामने ही बह गए थे 24 इंजीनियरिंग छात्र

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हैदराबाद के वीएनआर इंजीनियरिंग कॉलेज के 30 से ज्यादा छात्र पिकनिक के लिए हिमाचल पहुंचे थे। ये घूमते फिरते मंडी के लारजी में पहुंच गए थे।
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यहां सभी बस से उतरे और ब्यास नदी के किनारे जाकर मस्ती करने लगे।

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मौत से बेखबर ये छात्र ग्रुप फोटो खिंचवाने के बाद नदी की लहरों के बीच चले गए।
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शाम के वक्त नदी में पानी कम ‌था। सभी गर्मी से निजात पाने के लिए साफ पानी में खूब मस्ती कर रहे थे। सभी ने फोटो भी खिंचवाए।
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इसी बीच अचानक लारजी डैम से भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया। ये सब कुछ इतना जल्द हुआ कि छात्र कुछ समझ ही नहीं पाए।
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एकाएक पानी जलजला बन गया और सभी छात्र लहरों में फंस गए।

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कुछ छात्र तो बाहर निकल गए मगर 24 छात्र और एक गाइड लहरों की चपेट से बाहर नहीं आ पाए।

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एकाएक मस्ती का ये नजारा मातम में बदल गया। चारों ओर चीखों का मंजर था।

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देर रात ही सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ। मगर नदी के तेज बहाव में पहले तीन दिन सिर्फ आधा दर्जन बच्चों के शव ही बाहर निकाले जा सके।

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परिजनों पर तो जैसे दुखों का पहाड़ ही टूट गया था।

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सभी हिमाचल पहुंचे और अपनों के जिंदा होने की आस लिए तलाश में जुट गए।

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करीब एक महीने तक एक एक कर सभी छात्रों के शव मिलते रहे। हादसा लारजी डैम के अफसरों की लापरवाही से हुआ था।

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मामले में केस दर्ज हुआ और दोषी अफसर सस्पेंड भी हुए।

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मगर उन लोगों के लिए ये दिन कभी न भूलने वाला दिन बन गया। 24 इंजीनियरिंग छात्र हमेशा के लिए दुनिया छोड़ गए थे।
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आज भी यहां के हालात बदले नहीं है। इस हादसे के बाद से 20 से ज्यादा पर्यटक अपनी जान गंवा चुके हैं। सरकार के दावे आज भी अधूरे हैं। अलर्ट करने के लिए कोई इंतजाम नहीं। यही नहीं, सैलानी खुद भी सबक नहीं ले रहे।
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