कार्यदिवस के दौरान वे बतौर खंड विकास अधिकारी कार्य करते हैं, लेकिन रविवार या अन्य छुट्टी वाले दिन वे बच्चों के लिए शिक्षक बन जाते हैं। वे राजकीय प्राइमरी स्कूल घलूं में बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं।
उन्हें एक अच्छा नागरिक बनने, आपसी भाईचारे, एक दूसरे की सहायता करने की सीख दे रहे हैं। वे उन्हीं बच्चों को इस कक्षा के लिए बुलाते हैं, जो बच्चे या उनके अभिभावक इसके लिए इच्छुक हों।
बीडीओ यशपाल का कहना है कि वे अपने बेटे को भी सरकारी स्कूल में पढ़ा रहे हैं। वे छुट्टी वाले दिन सरकारी स्कूल के बच्चों को अच्छा नागरिक बनने की सीख दे रहे हैं, ताकि सरकारी स्कूलों के बच्चों को भी कम न समझा जाए और वे आगे बढ़कर देश का नाम रोशन करें।