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यहां बैंकों ने ही खोली मोदी के दावों की पोल, सामने आ रही सच्चाई

Tue, 13 Dec 2016 09:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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नोटबंदी के बीच राहत देने के मोदी सरकार के दावों की पोल खुल गई है। सरकार के दावों में कितना दम है, इसकी सच्चाई अब खुद बैंक सामने ला रहे हैं। आइए जानते हैं पूरा मामला-
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ताजा मामला शिमला के उपनगर टुटू में देखने का मिला। यहां बैंक ने मोदी सरकार के दावों की हवा निकालते हुए एक बेबस पिता को महज 15 हजार रुपए देकर चलता कर दिया। ‌यह पहला मामला नहीं था जब ऐसा हुआ। शिमला के कई बैंक सरकार के आदेशों के मुताबिक लोगों को पैसे नहीं दे रहे हैं।
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टुटू के एलके गुप्ता के घर में बेटी की शादी है। शादी के लिए केवल दो दिन का ही समय है। वीरवार को शादी के लिए पैसे लेने वे यूको बैंक गए, लेकिन बैंक अधिकारी उन्हें तय लिमिट से कम पैसे लेने की बात करता है। बैंक अधिकारी की ओर से कहा जाता है कि वह बैंक से केवल पंद्रह हजार रुपये निकाल सकते हैं, लेकिन बेटी के पिता को यह बात मंजूर नही थी।

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पिता बार बार कह रहे थे कि उन्हें पैसों की काफी जरूरत है, लेकिन फिर भी उन्हें पूरे पैसे नही दिए जा रहे थे। अंत में थक हारकर पिता को पंद्रह हजार रुपये लेकर बैंक से लौटना पड़ा। पिता ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि केंद्र सरकार अपने दावों से पलट रही है। सरकार नोटबंदी के बाद दावा करती रही है कि शादी वाला परिवार कार्ड दिखाकर ढाई लाख रुपये तक कैश निकाल सकता है, लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है।
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उन्होंने बताया कि परसों उनकी बेटी की चंडीगढ़ में शादी है। ज्यादातर लोग नगद पेमेंट की ही बात कर रहे हैं। यह सिर्फ एक मामला नहीं है। दो दिसंबर को सोलन निवासी सतीश की शादी के लिए भी एक बैंक ने सिर्फ 5 हजार थमा दिए। कार्ड दिखाने के बावजूद बैंकवाले पैसे देने को तैयार नहीं। मोदी के फरमानों के बाद मजबूर लोगों को राहत की आस बंधी थी। लेकिन बैंक पहुंचकर अब इन दावों की सच्चाई सामने आ रही है। बैंकवाले कह रहे हैं कि उनके पास कैश ही नहीं है। शादी हो या किसान क्रेडिट कार्ड, आपको बस 5 से 10 हजार ही दिए जाएंगे।
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नोटबंदी के बाद केंद्र सरकार ने दावा किया था कि जिस परिवार में शादी होगी वह ढाई लाख रुपये तक पैसे को निकाल सकते हैं। नोटबंदी के 29 दिन बाद भी शिमला में कैश पूरी तरह नही पहुंच पाया है। उपनगरों में एसबीआई समेत कोऑपरेटिव बैंक के एटीएम खाली पड़े हुए हैं। लोगों को बिना पैसे लिए ही लौटना पड़ रहा है। लोगों में गुस्सा बढ़ रहा है कि सरकार ने जिन लोगों को छूट दी है, बैंक कम से कम उन्हें तो पैसा उपलब्‍ध करवाए।

 
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