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सोशल मीडिया पर छा गई बख्शो देवी, बेटियों के लिए बनी मिसाल

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नंगे पांव पथरीली जमीन पर 5000 मीटर रेस दौड़कर सबको पछाड़ने वाली बख्शो देवी रातोंरात सबकी चहेती बन गई। सोशल मीडिया पर एक के बाद एक दर्जनों लोगों ने बख्शो की मदद के लिए हाथ बढ़ाए। आइए जानते हैं बख्शो देवी की पूरी कहानी...
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सोशल मीडिया पर छा गई बख्‍शो देवी, बेटियों के लिए बनी मिसाल

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हिमाचल के ऊना की रहने वाली बख्शो देवी के पिता की मौत नौ साल पहले हो गई थी। इसके बाद बाद मां विमला देवी अपने पिता दाताराम के घर आकर रहने लगी। चार बहनों में सबसे छोटी बख्शो खेलकूद और पढ़ाई के साथ साथ घर का सारा कामकाज भी करती है। इसके अलावा पशुओं का चारा आदि काटने में भी मां की पूरी मदद करती है।
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घर का इतना काम करने के बावजूद बख्‍शो ने खुद को इतना ताकतवर बना लिया कि हाल ही में हुई 5000 मीटर रेस में कोई भी प्रतिभागी उसके पास नहीं फटक पाया। रेस जीतने वाली बख्‍शो के पास ये रेस दौड़ने के लिए अच्छे जूते और ड्रेस तक नहीं थी। ऐसे में स्कूल यूनिफॉर्म और बिना जूतों के ही मैदान पर उतर गई और बड़ी बड़ी प्रतिभागियों को पछाड़कर मेडल जीत लिया।

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बख्‍शो देवी इसी झोपड़ी में रहती है। घर के हालात कुछ अच्छे नहीं हैं। कड़ाके की ठंड में ओढ़ने के लिए ढंग के कंबल और रजाई इस परिवार के पास नहीं। झोपड़ीनुमा घर के एक कमरे के बीचोंबीच बने चूल्हे में परिवार के लिए खाना पकता है। अगर उसे मदद मिल जाए तो वह प्रदेश ही नहीं देश का नाम भी रोशन कर सकती है। खुद बख्‍शो आगे बढ़ना चाहती है।

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समूचे परिवार को अपनी इस होनहार बेटी पर नाज है। माता विमला देवी ने कहा कि बेटियों को किसी भी लिहाज से कम नहीं आंकना चाहिए। बख्शो देवी ने कहा कि वह खेलों में अपना और अपने परिवार का नाम रोशन करना चाहती है। बख्‍शो के नाना को जब यह खबर मिली कि अमर उजाला में उनकी नाती की तस्वीर छपी है, और लोग उनकी नाती के इस कारनामे पर उन्हें बधाइयां दे रहे हैं, तो बेटी के नाना दाताराम की आंख से खुशी के आंसू छलक आए।
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गरीब बिटिया की मदद को उठे हाथ- बख्शो अब मैदान में नंगे पांव नहीं दौड़ेगी। शून्य डिग्री तापमान में नंगे पांव दौड़कर गोल्ड मेडल जीतने वाली इस बेटी की अमर उजाला में खबर छपते ही शिमला एचपीजीआईसी में बतौर मैनेजर फाइनांस तैनात लोकेंद्र बांशूट ने बख्‍शो को ट्रैक सूट और जूतों की मदद के लिए 5000 रुपये देने की घोषणा की है। इसके अलावा स्कूल पहुंच कर बनगढ़ बटालियन से आए प्रतिनिधियों ने बख्शो को एक ट्रैक सूट और शूज समेत 1000 की मदद की। वहीं, पत्रकार मोहित पाठक ने भी बख्शो को 1100, बदसाली से रिटायर्ड एक्सईएन सैनी ने 500, ईसपुर निवासी मोहन लाल सैनी ने 500 रुपये की मदद की।
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यहां करें बख्शो देवी की मदद-होनहार व गरीब बेटी के सपनों को साकार करने के लिए आप उसकी खाता संख्या पीएनबी ईसपुर नंबर 1733001500059680 आईएफएससी कोड पीयूएनबी 0173300 पर मदद कर सकते हैं।
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फेसबुक पर बख्‍शो की खबर को 30000 से ज्यादा लाइक्स मिले हैं। वहीं, 800 लोगों ने इसे शेयर किया और कमेंट कर मदद की पेशकश भी कर डाली। लोगों का कहना है बख्‍शो बेटियों के लिए मिसाल है। हर बेटी को आगे बढ़ने का मौका देना चाहिए। साथ ही ऐसी बेटियों की मदद के लिए सरकार को भी पहल करनी चाहिए। रिपोर्टः विवेक कुमार शर्मा, फोटोः सोहन सिंह
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