हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के नाहन शहर की ऐतिहासिक इमारत, जहां कभी तिरंगा बड़ी शान से लहराता था, आज खंडहर बन गई है। यह इमारत नाहन फाउंडरी थी, जिसका नाम लेते ही हर व्यक्ति की शान बढ़ जाती थी। भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी कभी इस इमारत की अपनी पहचान थी। यहां बने उत्पाद आज भी देश-विदेश में उस जमाने की गवाही दे रहे हैं। लेकिन अब फाउंडरी खंडहर में तबदील होकर रह गई है।
कभी यह फाउंडरी आधे शहर का पेट पालती थी, लेकिन सरकार और राजनीतिक आकाओं की उपेक्षा ने इसे खंडहर बना दिया। नाहन फाउंडरी अब एक प्लॉट बन चुकी है, जिस पर छिटपुट सरकारी दफ्तर बन रहे हैं तो कई तरह की अन्य योजनाओं पर भी काम चल रहा है। एनएच का दफ्तर यहां बना दिया गया है। ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य प्रगति पर है।यह केवल एक इमारत नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली एक मां थी, जिसकी पनाह में हजारों घरों के चूल्हे जलते थे।