मुख्य बौद्ध मंदिर मैकलोडगंज में निर्वासित तिब्बतियों ने राष्ट्रीय विद्रोह दिवस की 56वीं वर्षगांठ का स्मरणोत्सव मनाया। आजादी के लिए निकाली गई रैली में हजारों युवाओं ने भाग लिया। देखिए तस्वीरें..
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चीन पर फूटा तिब्बतियों का गुस्सा, मांगी आजादी
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मुख्य बौद्ध मंदिर मैकलोडगंज में निर्वासित तिब्बतियों ने राष्ट्रीय विद्रोह दिवस की 56वीं वर्षगांठ का स्मरणोत्सव मनाया।
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चीन पर फूटा तिब्बतियों का गुस्सा, मांगी आजादी
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निर्वासित तिब्बत सरकार की ओर से आयोजित सरकारी कार्यक्रम में जर्मन संसद की उपाध्यक्ष क्लोउडिया रोथ ने बतौर मुख्यातिथि भाग लिया।
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मंच से जर्मन संसद उपाध्यक्ष ने चीन से अनुरोध किया कि वह तिब्बत में राजनीतिक नेताओं को जेलों से रिहा कर दलाईलामा के प्रतिनिधियों के साथ स्वायत्तता को लेकर फिर वार्ता शुरू करे।
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क्लोउडिया रोथ ने चीनी नेतृत्व से कहा कि दलाईलामा के दूतों से वार्ता करना उनके हित में भी है। तिब्बती जायज मांग कर रहे हैं। मुझे लगता है कि तिब्बतियों को सुनना जरूरी है।
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कार्यक्रम में हजारों तिब्बतियन शामिल हुए। इनमें बौद्ध भिक्षु, स्कूल छात्र और विदेशी समर्थक भी थे। इस दौरान टिपा के कलाकारों ने देशभक्ति के गीत भी गाए।
निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रधानमंत्री डा. लोबसंग सांग्ये ने कहा कि हम यहां तिब्बत के बहादुर लोगों को याद करने के लिए इकट्ठा हुए हैं, जिन्होंने अपना जीवन देश के अर्पित कर दिया।