शिमला, कुल्लू, किन्नौर और मंडी जिले से लोग गुड़, नमक और मसाले सहित अन्य जरूरत का सामान खरीदने के लिए पैदल चलकर पहुंचते थे। लवी मेले में किन्नौर के लोग नमक खरीदना नहीं भूलते थे। स्थानीय लोग बताते हैं कि 1983 में वीरभद्र सिंह के पहली बार मुख्यमंत्री बनने के बाद 1985 में लवी को अंतरराष्ट्रीय मेला घोषित किया गया। लेकिन अब यह मेला किन्नौर के व्यापारियों के अलावा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उतर प्रदेश के कारोबारियों तक सामित रह गया है।