1964 में स्वर्ण पदक विजेता हॉकी की ओलंपिक टीम के कप्तान रहे,जबकि 1960 में सेमीफाइनल में फ्रेक्चर होने के कारण फाइनल नहीं खेल पाए तथा भारत को हार झेलनी पड़ी थी। पदमश्री चरणजीत सिंह, बलबीर सीनियर, पिरथीपाल जैसे धुंरधरों की टीम को उस समय स्टार स्टडड टीम का नाम दिया गया था। सभी दर्शक चाहते थे कि हर प्रतियोगिता में यही टीम खेलने उतरे।