हमीरपुर में 249, बिलासपुर में 187, ऊना में 122, कांगड़ा में 96, मंडी में 81, शिमला में 68, सोलन में 62, नाहन में 54, चंबा में 55 और किन्नौर जिला मुख्यालय के आसपास 16 लेक्चररों ने दस साल बिताए हैं। शिक्षा विभाग के मुताबिक सरकार इन शिक्षकों को अब बदलने की तैयारी में है।