फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यहां हर रोज 10 किलो मक्खन से होता है शिवलिंग का श्रृंगार, इन रोगों से मिलता है छुटकारा

Mon, 25 Feb 2019 07:42 PM IST
ashok chauhan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
1 of 5
हिमाचल में ऐसे सैकड़ों मंदिर हैं जिनकी पौराणिक मान्यताएं और दैवीय शक्तियां चर्चा का विषय बनी हुई हैं। हालांकि इसके वैज्ञानिक पहलू भी हैं लेकिन देव आस्था इन वैज्ञानिक पहलुओं पर हावी रहती है।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव से एक माह पूर्व से बाबा भूतनाथ मंदिर में प्राचीन समय से मक्खन चढ़ाने की परंपरा को कायम रखते हुए हर रोज अलग-अलग रूपों का श्रृंगार किया जाता है। हर दिन देवी-देवताओं के अलग-अलग स्वरूप स्वयंभू शिवलिंग पर उकेरे जाते हैं। 
विज्ञापन

3 of 5
तीन फरवरी से तीन मार्च तक स्वयंभू शिवलिंग रोज स्वरूप बदलता है। करीब 30 दिन तक शिवलिंग पर किसी भी प्रकार का जल नहीं चढ़ाया जाता। मंदिर के महंत देवानंद सरस्वती के अनुसार हर रोज करीब 10 किलो मक्खन मंदिर में चढ़ाया जाता है। 

4 of 5
 दावा है कि इस मक्खन का लेप लगाने से चर्म रोग ठीक हो जाते हैं।  इसके साथ ही मक्खन का घी बनाकर मंदिर में जोत जलाने के काम लाया जाता है। प्राचीन परंपरा का निर्वाह करते हुए मंडी के आराध्य देव बाबा भूतनाथ में शिवलिंग का श्रृंगार मक्खन के लेप की विधि धृत कंबल से किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
महंत देवानंद सरस्वती
 शिवरात्री के एक दिन पहले इस लेप को निकाला जाएगा। मान्यता है कि वैदिक काल से यह परंपरा चली आ रही हैं। मंदिर के महंत देवानंद सरस्वती के अनुसार हर शाम जब वह साधना में होते हैं। इस दौरान उन्हें जिस भी देवी-देवता का स्वरूप दिखता है, उसे मक्खन के शिवलिंग में उकेर देते हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें