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Sudha Murthy: कौन हैं सुधा मूर्ति जिनकी सादगी है मिसाल, जानें जीवन से जुड़े खास किस्से

Sat, 04 Nov 2023 06:24 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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sudha murthy - फोटो : Amar Ujala
Sudha Murthy: 74 वें गणतंत्र दिवस पर भारत सरकार ने पद्म पुरस्कारों के लिए जिन लोगों के नामों की घोषणा की, उसमें से एक सुधा मूर्ति हैं। सुधा मूर्ति को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। इसके पहले उन्हें पद्मश्री भी मिल चुका है। सुधा मूर्ति का नाम हाल के वर्षों में कई कारणों से सुर्खियों में रहा है। सुधा मूर्ति औद्योगिक जगत को बड़ा और सम्मानित नाम हैं। वह एक दमदार पारिवारिक परिवार से ताल्लुक रखती हैं, बावजूद इसके सुधा मूर्ति की सादगी से लोग अधिक प्रभावित हैं। अक्सर सोशल मीडिया पर उनके प्रेरक किस्से और जीवन जीने की कला सिखाते वीडियो वायरल हो जाते हैं, जिससे हर किसी को प्रेरणा लेनी चाहिए। आइए जानते हैं कौन हैं सुधा मूर्ति और उनके जीवन से जुड़े कुछ किस्से।
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Sudha Murthy - फोटो : ANI
सुधा मूर्ति कौन हैं ?

सुधा मूर्ति प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और लेखिका हैं। सुधा मूर्ति ने आठ उपन्यास लिखे हैं। वह भारत की सबसे बड़ी ऑटो निर्माता इंजीनियरिंग और लोकोमोटिव कंपनी टेल्को में काम करने वाली पहली महिला इंजीनियर भी हैं।

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एनआर नारायणमूर्ति और उनकी पत्नी सुधा मूर्ति। - फोटो : Social Media
सुधा मूर्ति की पारिवारिक पृष्ठभूमि

सुधा मूर्ति इंफोसिस फाउंडेशन के संस्थापक नारायण मूर्ति की पत्नी हैं। सुधा मूर्ति के दो बच्चे हैं, बेटी अक्षता मूर्ति और बेटा रोहन मूर्ति। अक्षता नारायण मूर्ति ब्रिटेन में रहने वाली भारतीय फैशन डिजाइनर हैं और यूके के प्रधानमंत्री की पत्नी हैं। ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक सुधा मूर्ति के दामाद हैं। रोहन मूर्ति, मूर्ति क्लासिकल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया के साथ ही एक डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन स्टार्ट अप सोरोको के संस्थापक हैं।

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सुधा मुर्ति - फोटो : instagram/sudha_murthy_official
सुधा मूर्ति का जीवन परिचय और शिक्षा

सुधा मूर्ति का जन्म उत्तरी कर्नाटक में शिगांव में 19 अगस्त 1950 को हुआ था। सुधा के पिता का नाम आर.एच कुलकर्णी और माता विमला कुलकर्णी है। उन्होंने बीवीबी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, हुबली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक किया। सुधा इंजीनियरिंग कॉलेज में 150 स्टूडेंट्स के बीच दाखिला पाने वाली पहली महिला थीं। जब वह क्लास में प्रथम आईं तो कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने उन्हें पदक से सम्मानित किया। बाद में इंडियन इंस्टीट्यूट आफ साइंस से कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स की डिग्री ग्रहण की।
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पत्नी सुधा के साथ नारायण मूर्ति - फोटो : अमर उजाला
सुधा मूर्ति का करियर

भारत की सबसे बड़ी ऑटो निर्माता कंपनी टेल्को में काम करने वाली पहली महिला इंजीनियर सुधा मूर्ति बनीं। पुणे में विकास अभियंता के रूप में काम करने के बाद उन्होंने मुंबई और जमशेदपुर में भी काम किया। पति ने जब इंफोसिस फाउंडेशन की स्थापना की तो सुधा मूर्ति ने उन्हें 10000 रुपये उधार दिए और अपनी नौकरी छोड़कर कंपनी शुरू करने में पति नारायण मूर्ति की मदद की।
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