नेहा के पति दर्पण अमरावंशी आईआरएस अधिकारी हैं और उनकी दो बच्चें हैं जिनमें एक पांच साल की बिटिया पोएम और बेटे का जन्म इसी साल हुआ है।
बचपन में लोगों की मदद करने की इच्छा और सीख ने नेहा को आईएएस बनने के लिए प्रेरणा दी। उनके मुताबिक वो हमेशा से लोगों की मदद करना चाहती हैं और वह जनता के बीच रहकर उनके दुख दर्द को सुनकर उनका निवारण करना चाहती हैं। जनसेवा और देशसेवा नेहा के जीवन का मकसद है और भारतीय प्रशासनिक सेवाओं में आने की सबसे बड़ी प्रेरणा भी।
उनका मानना है कि अपनी समस्या लेकर अगर कोई आपके दरवाजे पर आए तो उसका निराकरण होना चाहिए, और फरियादी खाली हाथ, निराश नहीं लौटना चाहिए।
महिलाओं में पूर्ण व्यक्तित्व होता है, संवेदनाएं भी होती हैं और कुछ कर दिखाने का जूनून भी
-नेहा शर्मा
शक्ति के लिए संदेश देते हुए नेहा ने कहा, हिम्मत से सपने देखिए, उनको मजबूती के साथ पूरा कीजिए। कमजोर सोच से डरकर कभी भी अपना रास्ता मत बदलिए क्योंकि जीत आपकी हिम्मत और हौसलों से होती है। मजबूत संकल्प हर सपने को पूरा कर सकता है।
हम सबके अंदर शक्ति है, जरूरत है संकल्प लेकर आगे बढ़ने की
- नेहा शर्मा