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सुगंधित सेनेटरी पैड्स के इस्तेमाल से गंभीर बीमारियों का खतरा, इन लक्षणों को न करें अनदेखा

Wed, 15 Jan 2020 01:10 PM IST
प्राची प्रियम लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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सेंटेड सेनेटरी पैड्स हो सकते हैं खतरनाक - फोटो : अमर उजाला
महिलाओं के वेजाइनल हेल्थ के लिए बाजार में तमाम प्रोडक्ट्स उपलब्ध हैं। हर प्रोडक्ट सबसे बेहतर और सेफ होने का दावा करता है। यह जानते हुए कि साबुन, केमिकल, वॉशिंग क्रीम हो या फिर सुगंधित सेनेटरी पैड्स, वेजाइनल एरिया में किसी का भी रिएक्शन उन्हें बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है, महिलाएं उन प्रोडक्ट्स का बेझिझक इस्तेमाल करती हैं। महिलाएं जिन प्रोडक्ट को अपने वेजाइनल हेल्थ के लिए सबसे सेफ मानकर उपयोग करती हैं, वो अनजाने में उन्हें लगातार नुकसान पहुंचा रहे होते हैं। 

 
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सेंटेड सेनेटरी पैड्स हो सकते हैं खतरनाक - फोटो : social media
खासकर वेजाइनल एरिया के लिए प्रयोग किए जाने वाले सुगंधित उत्पाद। इनकी सुगंध जितनी खूबसूरत होती है, अंजाम उतना ही भयावह हो सकता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि वेजाइना को किसी भी प्रकार की सफाई की जरूरत नहीं होती है। शरीर का पीएच, ब्लड सर्कुलेशन और होर्मोन्स को बैलेंस करके इसे स्वस्थ रखा जा सकता है। हालांकि माहवारी के वक्त महिलाओं को एक विशेष प्रकार की दुर्गंध महसूस होती है, जो कि सामान्य है। इसके बावजूद कई महिलाएं उस दुर्गंध से बचने के लिए सेंटेड सेनेटरी पैड्स का इस्तेमाल करती हैं।

इन पैड्स से कुछ दिनों की समस्या का समाधान तो जरूर हो जाता है, लेकिन महिलाएं इसका अनुमान भी नहीं लगा सकतीं कि इनके इस्तेमाल से वजाइनल हेल्थ को कितना नुकसान होता है। 
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सेंटेड सेनेटरी पैड्स हो सकते हैं खतरनाक - फोटो : सोशल मीडिया
बढ़ जाते हैं खराब बैक्टीरिया 
वेजाइनल एरिया इतना सेंसिटिव है कि किसी भी तरह की सुगंधित स्त्री उत्पादों का उपयोग करने से ये इसके अच्छे और बुरे बैक्टीरिया के बीच संतुलन बिगड़ सकता है। सुगंधित उत्पादों के  केमिकल्स वेजाइनल एरिया के पीएच संतुलन को भी बिगाड़ देते हैं। इससे गुड वेजाइन बैक्टीरिया कमजोर और खराब बैक्टीरिया मजबूत हो जाते हैं, जिसकी वजह से जलन, खुजली, संक्रमण या एलर्जी का खतरा बढ़ जाता है।

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सेंटेड सेनेटरी पैड्स हो सकते हैं खतरनाक - फोटो : सोशल मीडिया
पीएच स्तर में बदलाव
पीएच स्तर में बाहरी तत्वों के कारण हुए बदलाव और बैलेंस खराब होने से वेजाइनल इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है। पीएच को बैलेंस करने के लिए बाजारों में भी की उत्पाद उपलब्ध हैं, लेकिन वे हमेशा सही नहीं होते। इनका उपयोग शरीर की प्राकृतिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करता है।
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सेंटेड सेनेटरी पैड्स हो सकते हैं खतरनाक - फोटो : सोशल मीडिया
केमिकल रिएक्शन का खतरा
माहवारी के दौरान आने वाला ब्लड जब सुगंधित सैनिटरी पैड के रासायनिक इत्र के साथ मिश्रित होता है, तो यह दुर्गंध पैदा कर सकता है। ये दुर्गंध और भी बदतर हो सकता है। इसलिए आपको अपने पैड को हर चार से छह घंटे में बदलने की सलाह दी जाती है। आपका पीरियड फ्लो कितना भी हल्का हो, आपको समय समय पर पैड चेंज करना चाहिए। इससे बदबू नहीं आएगी। 
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सेंटेड सेनेटरी पैड्स हो सकते हैं खतरनाक - फोटो : सोशल मीडिया
सुगंधित पैड के ऊपरी परत पर कुछ रसायन मौजूद होते हैं। वेजाइना की त्वचा के सीधे संपर्क में आने के कारण इन पैड्स से फंग्ल इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है। शोषक सामग्री का उपयोग करके बनाए जाने वाले ये पैड्स वेजाइनल एरिया में नमी को इकट्ठा करते हैं और गर्मी उत्पन्न करते हैं। ऐसे में लंबे समय तक एक पैड के प्रयोग से बैक्टीरिया को पनपने का भरपूर मौका मिलता है, जो आगे वेजाइनल हेल्थ के लिए और भी गंभीर हो सकते हैं।
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सेंटेड सेनेटरी पैड्स हो सकते हैं खतरनाक - फोटो : सोशल मीडिया
सेंटेड नैपकिन गैर-बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक से बनते हैं, जो पर्यावरण के लिए भी हानिकारक होता है। इन रासायनिक पैड को जलाने से भी डाइऑक्सिन और जहरीला धुआं निकलता है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ये पैड्स कितने खतरनाक हो सकते हैं। इसलिए बेहतर है कि बायोडिग्रेडेबल सेनेटरी नैपकिन का इस्तेमाल किया जाए।

नोट: यह लेख आपकी जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किया गया है। संबंधित बीमारी के लक्षण दिखाई देते हैं अथवा किसी बीमारी से ग्रसित हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
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