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National Girl Child Day 2023: देश मना रहा राष्ट्रीय बालिका दिवस, जानें इतिहास, महत्व और यूनिसेफ की भूमिका

Tue, 24 Jan 2023 10:20 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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राष्ट्रीय बालिका दिवस - फोटो : UNICEF

National Girl Child Day 2023: बालिकाएं किसी भी समाज के कल्याण, विकास में अहम भूमिका निभाती हैं। एक बालिका जो स्वस्थ वातावरण में बढ़ी होती है, वहीं एक काबिल स्त्री बनती है, जो परिवार, समाज और देश को स्वस्थ रखने की दिशा में अपना योगदान देते हैं। आज लड़कियां लगभग हर क्षेत्र में कार्यरत हैं और अपनी स्थिति को मजबूत कर रही हैं लेकिन एक दौर ऐसा भी था जब बच्चियों को गर्भ में ही मार दिया जाता था। इस कारण लिंग असमानता की समस्या बढ़ी। जन्म के बाद उनका बाल विवाह कर देते, जिसकी वजह से वह अपना बचपन खो देती हैं। शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास से वंचित रह जाती हैं और साथ ही कम उम्र में गर्भवती होने से किशोरी और शिशु दोनों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है। इन सभी का असर देश के विकास पर भी होता है। बालिकाओं के खिलाफ होने वाली इन्हीं कुरीतियों के अंत और किशोरियों को समाज के प्रथम पायदान पर लाने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष जनवरी माह में राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाते हैं। सरकार और यूनिसेफ मिलकर बालिकाओं के लिए कई योजनाएं चला रहे हैं, ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके और बालिकाओं के रहने लायक सुरक्षित समाज बन सके। आइए जानते हैं राष्ट्रीय बालिका दिवस के इतिहास व महत्व के बारे में, साथ ही किशोरियों के लिए यूनिसेफ की योजनाओं के बारे में भी जानें। 

 

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राष्ट्रीय बालिका दिवस - फोटो : unicef india
राष्ट्रीय बालिका दिवस कब है?

प्रतिवर्ष 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाते हैं। राष्ट्रीय बालिका दिवस को मनाने की शुरुआत 2009 में हुई थी, जब पहली बार महिला बाल विकास मंत्रालय ने देश में बालिका दिवस मनाया था।
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राष्ट्रीय बालिका दिवस - फोटो : unicef india
24 जनवरी को ही क्यों मनाते हैं बालिका दिवस?

बालिका दिवस को 24 जनवरी को ही मनाने के पीछे खास वजह है। देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की वजह से ही 24 जनवरी को बालिका दिवस मनाया जाने लगा। 1966 में जब इंदिरा गांधी पहली बार देश की प्रधानमंत्री बनीं तो उनका शपथ ग्रहण समारोह 24 जनवरी को ही हुआ था। यह दिन भारत के इतिहास में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अहम है। इस दिन को यादगार बनाने के लिए राष्ट्रीय बालिका दिवस 24 जनवरी को मनाने का फैसला लिया गया।

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बालिका दिवस - फोटो : unicef
बालिका दिवस 2023 की थीम

हर वर्ष राष्ट्रीय बालिका दिवस की एक खास थीम होती है। 2019 में बालिका दिवस की थीम 'उज्जवल कल के लिए लड़कियों का सशक्तिकरण' थी। वर्ष 2020 की थीम 'मेरी आवाज, हमारा साक्षा भविष्य' रही और 2021 की बालिका दिवस की थीम 'डिजिटल पीढ़ी, हमारी पीढ़ी' है। राष्ट्रीय बालिका दिवस 2022 की थीम 'उमंग रंगोली उत्सव' के तौर पर मनाई गई। फिलहाल राष्ट्रीय बालिका दिवस 2023 की थीम की घोषणा अब तक नहीं हुई है।
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कोरोनाकाल में मददगार बनीं यें महिलाएं - फोटो : unicef
राष्ट्रीय बालिका दिवस का महत्व

विश्व में बालिकाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने व किशोरियों के बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और करियर के लिए मार्ग बनाने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष 11 अक्तूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों और महिला सशक्तिकरण के प्रति जागरूक करना है।
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बच्चों के लिए यूनिसेफ की पहल - फोटो : Social Media
यूनिसेफ और बालिका

यूनिसेफ बच्चों, किशोरियों और गर्भवती स्त्रियों के लिए कार्य करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था है। भारत में किशोरियों की स्थिति को मजबूत करने और उनको आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार की किलकारी योजना में यूनिसेफ का भी सहयोग रहा। इस योजना के तहत कई किशोरियों को अपने सपने पूरे करने और करियर बनाने का मौका मिला। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए भी यूनिसेफ कार्य कर रहा, साथ ही बाल विवाह जैसी कुरीति को खत्म करने की दिशा में जागरूकता कार्यक्रम चला रहा है।
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स्तनपान की आवश्यकता पर यूनिसेफ-डब्ल्यूएचओ ने दिया जोर - फोटो : UNICEF
 
यूनिसेफ के बालिकाओं के लिए कार्यक्रम

रेड डॉट चैलेंज

यूनिसेफ, किशोर लड़कियों, महिलाओं, भागीदारों और अधिवक्ताओं के साथ, एक ऐसी दुनिया की फिर से कल्पना करता है जहां प्राकृतिक मासिक धर्म के कारण कोई लड़की या महिला पीछे नहीं रहती है, और जहां अवधि गरीबी और कलंक इतिहास है।

बाल विवाह

किशोर और किशोरियों की उम्र से पहले शादी करने से उनके भविष्य पर संकट आ सकता है। यूनिसेफ भारत में बाल विवाह को खत्म करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चला रहा है और राज्य सरकार व सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं के साथ मिलकर कार्य कर रहा है।

किलकारी

बिहार सरकारी किलकारी योजना को वित्तीय सहायता देती है। इस योजना के अंतर्गत किशोरियों को आत्मनिर्भर बनाना है। यूनिसेफ किशोरियों को ट्रेनिंग देता है और भविष्य के लिए तैयार करता है। किलकारी योजना और सरकार के साथ मिलकर बेटियों के उत्थान के लिए कार्य कर रहा है।
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अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस - फोटो : amar ujala
अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस कब मनाते हैं?
विश्व में बालिकाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने व किशोरियों के बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और करियर के लिए मार्ग बनाने के उद्देश्य से प्रत्यके वर्ष 11 अक्तूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों और महिला सशक्तिकरण के प्रति जागरूक करना है।
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