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Jyothi Yarraji: ज्योति याराजी के संघर्षों की कहानी, जानिए कैसे बनीं देश की सबसे तेज महिला हर्डलर

Wed, 25 Sep 2024 03:43 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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JYOTHI YARRAJI - फोटो : instagram
India's Fastest Woman Hurdler Jyothi Yarraji Biography: भारत की सबसे तेज महिला हर्डलर का खिताब ज्योति याराजी के नाम है। ज्योति याराजी भारतीय स्प्रिंटर हैं, जिन्होंने महिलाओं की 100 मीटर हर्डल रेस में इतिहास रचा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई प्रतिष्प्रर्दा में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीत कर अपने नाम एक बड़ी सफलता हासिल की है।

हालांकि ज्योति याराजी की उपलब्धियों और सफलता के पीछे कठिन दौर और कड़ा परिश्रम भी है। राष्ट्रीय रिकार्ड तोड़कर देश का मान बढ़ाने वाली ज्योति याराजी का बचपन अभावों में गुजरा। आर्थिक तंगी भी उनके बुलंद हौंसलों को कमजोर नहीं कर पाई। आइए जानते हैं ज्योति याराजी के जीवन संघर्षों के बारे में, जिसे पार कर उन्होंने ऊंची उड़ान भरी और देश की सबसे तेज महिला हर्डलर बन गईं।
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JYOTHI YARRAJI - फोटो : instagram
ज्योति याराजी का जीवन परिचय

ज्योति याराजी का जन्म आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में 28 अगस्त 1999 को हुआ था। उनके पिता का नाम सूर्यनारायण है जो कि एक प्राइवेट सुरक्षा गार्ड के तौर पर काम करते हैं। वहीं ज्योति की मां कुमारी अस्पताल में क्लीनर के रूप में काम करती हैं, साथ ही घरेलू सहायिका का काम भी करती हैं।
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JYOTHI YARRAJI - फोटो : instagram
ज्योति याराजी की शिक्षा और ट्रेनिंग

परिवार की आय लगभग 18 हजार रुपये से कम हुआ करती थी। इन पैसों से घर की जरूरतों और बच्चों की पढ़ाई होनी थी। लेकिन ज्योति ने बचपन से ही अपनी मंजिल तलाश करनी शुरू कर दी थी।

वह विराज के पोर्ट हाई स्कूल कृष्णा में पढ़ती थीं, जब उनके फिजिकल एजुकेशन टीचर ने ज्योति के टैलेंट को पहचाना और महसूस किया कि वह एक हर्डलर बन सकती हैं। उनकी ट्रेनिंग शुरू हो गई, माता पिता ने भी ज्योति का साथ दिया। हालांकि ज्योति ने पढ़ाई भी जारी रखी और आचार्य नागार्जुन विश्वविद्यालय से बीए इतिहास की पढ़ाई की।

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JYOTHI YARRAJI - फोटो : instagram
ज्योति याराजी का करियर

ज्योति याराजी ने वर्ष 2015 में आंध्र प्रदेश इंटर डिस्ट्रिक्ट मीट में स्वर्ण पदक जीता, जिससे वह सुर्खियों में आ गईं। ज्योति ने हैदराबाद में रहकर ओलंपियन और द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता कोच एन रमेश और भुवनेश्वर में ब्रिटिश कोच जेम्स हिलियर से ट्रेनिंग ली।
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JYOTHI YARRAJI - फोटो : instagram
ज्योति की उपलब्धि

2020 में ज्योति याराजी ने कर्नाटक के मूडबिद्री में आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी एथलेटिक्स मीट में स्वर्ण पदक जीता। इसी वर्ष खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में एक और स्वर्ण हासिल किया।

पहले कोविड 19 महामारी और फिर पीठ की चोट के कारण उन्हें अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड दर्ज करने के लिए काफी इंतजार करना पड़ा। बाद में 2022 में उन्होंने भुवनेश्वर में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी मीट में 13.7 सेकेंड समय में रेस को पूरा किया। मई में ज्योति ने लिमासोल में साइप्रस इंटरनेशनल एथलेटिक्स मीट से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की और महिलाओं की 100 मीटर हर्डल रेस में राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया।
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