chandraprabha saikiani
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13 साल की उम्र में खोला था स्कूल
असम की रहने वाली इस तेजतर्रार महिला का जन्म 16 मार्च वर्ष 1901 में कामरूप जिले के दोइसिंगारी गांव में हुआ। उनके पिता रतिराम मजुमदार गांव के मुखिया थे और उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई पर काफ़ी जोर दिया। चंद्रप्रभा ने न केवल अपनी पढ़ाई की बल्कि अपने गांव में पढ़ने वाली लड़कियों पर भी ध्यान दिया। उनके पोते अंतनु सैकिया जो एक पत्रकार भी हैं, कहते हैं, "जब वे 13 साल की थीं तो उन्होंने अपने गांव की लड़कियों के लिए प्राइमरी स्कूल खोला। वहां इस 13 साल की शिक्षिका को देखकर स्कूल इंस्पेक्टर प्रभावित हुए और उन्होंने चंद्रप्रभा सैकियानी को नौगांव मिशन स्कूल का वजीफा दिलवाया। लड़कियों के साथ शिक्षा के स्तर पर हो रहे भेदभाव के खिलाफ भी उन्होंने अपनी आवाज को नौगांव मिशन स्कूल में जोर शोर से रखा और वो ऐसा करने वाली पहली लड़की मानी जाती हैं।'' उन्होंने 1920-21 में किरोनमॉयी अग्रवाल की मदद से तेजपुर में महिला समिति का गठन किया।