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Year Ender 2024: देवराज की हत्या से तनाव, राजतिलक विवाद और आप को सियासी लाभ; इन कारणों से चर्चा में रहा उदयपुर

Tue, 31 Dec 2024 01:38 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर

सार

Year Ender 2024: छात्र की हत्या से तनाव, पूर्व राजपरिवार का विवाद, लोकसभा चुनाव और विधायक की मौत समेत अन्य मामलों से इस साल 2024 में उदयपुर चर्चा में रहा। जानिए, कौन से मामले सबसे अधिक चर्चा का कारण बने। 
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इस साल क्यों चर्चा में रहा उदयपुर। - फोटो : Amar Ujala
वर्ष 2024 झीलों की नगरी उदयपुर के लिए काफी महत्वपूर्ण रहा। इस साल शहर में कई घटनाएं इसी हुईं जिन्होंने शहर को झकझोर कर रख दिया और देश भर में चर्चा में ला दिया। छात्र देवराज मोची की हत्या कर दी गई, जिससे तनाव के हालात बने। सलूंबर विधानसभा उपचुनाव और महाराणा राजतिलक विवाद भी काफी चर्चा में रहा। जानिए, चर्चित मामले...।
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लोकसभा में शपथ लेते सांसद मन्नालाल रावत। - फोटो : अमर उजाला
लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत
अप्रैल 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में इस बार भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों पर दांव लगाया। भाजपा ने पूर्व प्रादेशिक परिवहन अधिकारी मन्नालाल रावत को प्रत्याशी बनाया। वहीं, कांग्रेस ने कलेक्टर पद से वीआरएस लेने वाले ताराचंद मीना को चुनावी मैदान में उतारा। चुनाव परिणाम में मन्नालाल रावत जीत दर्ज कर सांसद बने।
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विधायक अमृतलाल मीणा (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
तीन बार से विधायक रहे मीणा का निधन
आठ अगस्त को सलूंबर विधायक अमृतलाल मीणा का आकस्मिक निधन हो गया। हृदय गति रुकने से उनकी जान चली गई। अमृतलाल मीणा सलूंबर से लगातार तीन बार विधायक चुने गए थे। उनके निधन से पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई। 

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छात्र की मौत। - फोटो : अमर उजाला
देवराज की हत्या से बने तनाव के हालात  
16 अगस्त को उदयपुर में आठवीं के छात्र देवराज को एक विशेष समुदाय के किशोर ने चाकू मार दिया। घटना के बाद शहर सांप्रदायिक तनाव में घिर गया। एक तरफ लोग एमबी अस्पताल में भर्ती देवराज की जिंदगी के लिए प्रार्थना कर रहे थे, वहीं दूसरी तरह आक्रोशित लोग दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग पर अड़े थे। तीन दिन बाद 19 अगस्त को राक्षाबंधन के दिन देवराज दुनिया को अलविदा कह गया। लोगों की नाराजगी को देखते हुए प्रशासन ने मुआवजे का ऐलान किया। परिजनों और लोगों की मांगे मानी, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : Amar Ujala
नकली नोट की फैक्टरी का खुलासा
30 सितंबर को उदयपुर पुलिस ने एक नकली नोटों की फैक्टरी का खुलासा किया।  प्रतापनगर और सवीना पुलिस ने 36. 70 लाख के 500-500 रुपये के जाली नोट और नोट बनाने के लिए उपयोग में ली जा रही फोटोकॉपी मशीन, प्रिंटर, कटर समेत अन्य सामान जब्त किया। मप्र का रहने वाला मुख्य आरोपी राहुल लोहार अपने साथियों के साथ मिलकर फैक्टरी में नकली नोट बनाता और बाजार में खपाता था। पुलिस ने इस मामले में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
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सलूंबर उपचुनाव में शांता देवी की जीत। - फोटो : अमर उजाला
सलूंबर उपचुनाव में आप उभरी 
उदयपुर की सलूंबर विधानसभा सीट पर 13 नवंबर को उपचुनाव हुआ। यह सीट भाजपा विधायक अमृतलाल मीणा के निधन के कारण खाली हुई थी। भाजपा ने सहानुभूति के लिए मीणा की पत्नी शांता देवी मीणा को प्रत्याशी बनाया। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी रेशमा मीणा और आप उम्मीदवार जीतू मीणा को हराकर जीत दर्ज की। इस चुनाव की खास बात यह रही कि आप पार्टी उपचुनाव में दूसरी बड़ी पार्टी बनकर उभरी। आप प्रत्याशी जीतू मीणा महज 1200 वोटों से चुनाव हारे।
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विधायक विश्वराज सिंह। - फोटो : अमर उजाला
राजतिलक विवाद, सिटी पैलेस पर पथराव  
25 नवंबर को मेवाड़ के पूर्व राज परिवार में वर्चस्व की जंग छिड़ गई। पूर्व राज परिवार के सदस्य महेंद्र सिंह मेवाड़ के निधन के बाद उनके पुत्र और नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह का राजतिलक किया गया। परंपरा के अनुसार, राजतिलक के बाद उन्हें सिटी पैलेस में धूणी के दर्शन के लिए जाना था। लेकिन, उनके चाचा अरविंद सिंह मेवाड़ ने सिटी पैलेस और एकलिंगजी मंदिर में किसी के भी प्रवेश पर रोक लगा दी। यह खबर सार्वजनिक होते ही चित्तौड़गढ़ में राजतिलक के दौरान राजपूत समाज और विश्वराज सिंह के समर्थकों में आक्रोश फैल गया। समर्थकों ने सिटी पैलेस में जबरन घुसने का प्रयास किया, जिससे प्रशासन को बल प्रयोग करना पड़ा। सिटी पैलेस में पथराव भी हुआ। मामला इतना बढ़ा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को हस्तक्षेप करना पड़ा। सरकार के निर्देश पर कलेक्टर अरविंद पोसवाल ने सिटी पैलेस का विवादित हिस्सा कुर्क किया। इसके बाद विश्वराज सिंह मेवाड़ ने अपने कुलदेवताओं के दर्शन किए, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
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