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Udaipur Unique Wedding: अनोखे दूल्हा-दुल्हन की शादी, कुंडली मिलान के बाद हल्दी-मेहंदी की रस्में हुईं, तस्वीरें

Wed, 09 Apr 2025 01:42 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर

सार

Unique Wedding: उदयपुर में हुए इस विवाह से पहले कुंडली मिलान करवाया गया। इसके बाद हल्दी, मेहंदी जैसी रस्में निभाई गईं। महिलाओं ने मंगल गीत भी गाए गए। लोगों ने बड़ के पेड़ को दूल्हा और पीपल को दुल्हन के रूप में सजाया। इसके बाद विवाह कराया गया। 
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उदयपुर में बड़ और पीपल के पेड़ की शादी। - फोटो : अमर उजाला
उदयपुर के खेमपुरा स्थित ज्योति कॉलोनी में एक अनोखी शादी सभी के लिए आकर्षण का केंद्र रही। यह कोई आम विवाह नहीं था, बल्कि बड़ और पीपल के पेड़ों का विवाह था। धार्मिक रीति-रिवाजों, वैदिक मंत्रोच्चारण, अग्निकुंड और पारंपरिक रस्मों के बीच यह आयोजन पूरी तरह से एक भव्य विवाह समारोह की तरह दिखाई दिया।
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उदयपुर में बड़ और पीपल के पेड़ की शादी। - फोटो : अमर उजाला
विवाह से पहले बाकायदा कुंडली मिलान करवाया गया और फिर हल्दी, मेहंदी जैसी रस्में निभाई गईं। महिलाएं बर्तन लेकर घूमीं, मंगल गीत भी गाए गए। स्थानीय लोगों ने बड़ के पेड़ को दूल्हा और पीपल को दुल्हन के रूप में सजाया। इसके बाद बारात निकाली गई, जिससे पूरे मोहल्ले में शादी जैसा माहौल बन गया।
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विधि-विधान से कराई गई शादी। - फोटो : अमर उजाला
बारात में ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर लोग जमकर नाचे। समधी मिलन का कार्यक्रम भी हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में कॉलोनीवासियों ने भाग लिया। शादी में पंडितों द्वारा विधिवत रूप से मंत्रोच्चार के साथ फेरे करवाए गए और पाणिग्रहण संस्कार संपन्न कराया गया। कार्यक्रम के दौरान आने-जाने वालों को प्रसाद भी वितरित किया गया। इस आयोजन में मांगीलाल बजाज, बद्रीलाल चौधरी, प्रहलाद राय खटीक, लक्ष्मण सोनी, विष्णु पालीवाल, शंकरलाल लोहार समेत अनेक स्थानीय लोग मौजूद रहे और आयोजन को सफल बनाया।
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बड़ और पीपल के पेड़ की शादी में जुटे लोग। - फोटो : अमर उजाला
पंडितों का कहना है कि हिंदू परंपरा में पीपल का विशेष धार्मिक महत्व है और विवाह के बाद इस वृक्ष को पूजा योग्य माना जाता है। जल चढ़ाने, बंधन बांधने और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए पीपल की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। इस तरह की पहल न केवल परंपराओं को जीवंत करती है, बल्कि पेड़-पौधों के प्रति श्रद्धा और संरक्षण का भाव भी जागृत करती है। यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायी संदेश बनकर सामने आया।
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