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Rajasthan: कांग्रेस का हिंदूओं को साधने का प्रयास ! सचिन पायलट ने किया लक्खी पदयात्रा को रवाना, चर्चाएं तेज

Wed, 03 Aug 2022 12:41 PM IST
रोमा रागिनी न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, टोंक

सार

पहले लक्खी पैदलयात्रा की शुरुआत प्रताप सिंह खाचरियावास करने वाले थे लेकिन मंगलवार की रात अचानक कार्यक्रम बदल गया। ऐसे में चर्चा तेज है कि कांग्रेस राजस्थान विधानसभा चुनाव को देखते हुए पायलट के पक्ष में कोई फैसला तो नहीं लेने वाली है।
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सचिन पायलट पूजा करते हुए - फोटो : Social Media
 डिग्गीपुरी कल्याण जी की 57वीं लक्खी पैदल यात्रा बुधवार की सुबह रवाना हुई। दो साल बाद निकली ये यात्रा विशेष तो थी लेकिन इस बार पदयात्रा को सचिन पायलट ने रवाना किया। ऐसे में सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। 
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पदयात्रा में सचिन पायलट और खाचरियावास - फोटो : Amar Ujala Digital
जानकारी के अनुसार मंगलवार रात नौ बजे तक यात्रा को रवाना करने की जिम्मेदारी कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के ही पास थी। कार्यक्रम तय था लेकिन रात नौ बजे सचिन पायलट के पेज से पोस्ट किया गया कि पायलट डिग्गीपुरी कल्याण जी यात्रा को रवाना करेंगे। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में एक दम से हलचल बढ़ गई।
 

 
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पायलट ने की पदयात्रा से पहले पूजा - फोटो : Amar Ujala Digital
खाचरियावास रहे मौजूद
चर्चा होने लगी कि पायलट की डिग्गीपुरी कल्याण जी यात्रा रवानगी में भूमिका क्या रहेगी। क्या पायलट मुख्य भूमिका में होंगे लेकिन बुधवार को आयी तस्वीरों ने पायलट की भूमिका पर सबको स्तब्ध कर दिया। सचिन पायलट ने ही यात्रा को रवाना किया और बतौर मुख्य अतिथि के रूप में भी नजर आए। जबकि कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह बस वहां मौजूद रहे।

 

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लक्खी पदयात्रा में शामिल लोग - फोटो : Amar Ujala Digital
क्यों कैबिनेट मंत्री ने नहीं किया यात्रा की शुरुआत
पायलट से यात्रा की शुरुआत करवाना कई राजनीतिक संदेश और सवाल लेकर आई है। वे टोंक के विधायक हैं और मालपुरा भी टोंक जिले में ही आता ये एक कारण हो सकता है। हालांकि, पायलट और सीएम गहलोत की आपसी खींचतान जगजाहिर है। इसलिए आयोजकों का कैबिनेट मंत्री को छोड़ कर पायलट को अहम भूमिका में रखना राजनीतिक गलियारों में रखना सबको परेशान कर रहा है। वहीं मुख्यमंत्री गहलोत के करीबी कैबिनेट मंत्री महेश जोशी को किसी अहम भूमिका में नहीं रखना अखर रहा हैं। 

 
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पायलट के पदयात्रा की शुरुआत करने पर चर्चा तेज - फोटो : Amar Ujala Digital
क्या पायलट को मिलेगी कोई बड़ी जिम्मेदारी ?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हिंदू समाज में अपनी छवि को पुन स्थापित करने के लिए कांग्रेस ने कई धार्मिक आयोजन किए लेकिन उसका कोई खास लाभ नहीं मिला है। ऐसे में कहीं पायलट को आगे रखकर कांग्रेस हिंदू समुदाय को साधने का प्रयास तो नहीं कर रही है। 2023 में राजस्थान विधानसभा चुनाव है। दूसरी ओर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का भी कार्यकाल जल्द ही समाप्त हो रहा है। हालांकि, गहलोत से खींचतान के कारण पायलट की सत्ता वापसी आसान नहीं होगा।  
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