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विश्वभर में गूंजता है पिपलांत्री मॉडल: राजसमंद में न्यायमूर्ति BR गवई बोले- ये सामाजिक सुधार का शानदार उदाहरण

Sat, 05 Apr 2025 10:54 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, राजसमंद

सार

Pipalantri Model: राजसमंद जिले के पिपलांत्री गांव में आयोजित राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राजस्थान विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में वन संरक्षण एवं बालिका सशक्तिकरण विधिक चेतना शिविर में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बीआर गवई ने शिरकत की। उन्होंने कहा, देश और दुनिया में लगातार बढ़ती गर्मी पर्यावरण संतुलन पर गंभीर असर डाल रही है।
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शिविर को संबोधित करते हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बीआर गवई - फोटो : अमर उजाला
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बीआर गवई शनिवार को राजसमंद दौरे के तहत पिपलांत्री गांव का दौरा किया। जहां उन्होंने पर्यावरण के क्षेत्र में किए गए कार्यों का अवलोकन किया। इस दौरान राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा वन संरक्षण एवं बालिका सशक्तिकरण विधिक चेतना शिविर का आयोजन किया गया।
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शिविर में मौजूद लोग - फोटो : अमर उजाला
इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश संदीप मेहता, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एमएम श्रीवास्तव सहित राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, पिपलांत्री सरपंच अनिता पालीवाल पूर्व सरपंच श्याम सुंदर पालीवाल सहित स्थानीय न्यायाधीश और ग्रामीण मौजूद रहे। इस दौरान न्यायाधीश गवई ने पिपलांत्री में बेटी के जन्म पर 111 पौधे लगाने की परंपरा को भी देखा।

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गांव की महिलाओं से मिलते हुए - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद न्यायाधीश बीआर गवई दोपहर को नाथद्वारा पहुंचे। जहां ‘हरित न्याय-हरित एवं स्वच्छ वातावरण, सतत विकास के लिए विधिक सेवा संस्थाओं की भूमिका’ विषय पर राज्य स्तरीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। राज्य स्तरीय कॉन्फ्रेंस में न्यायाधीश गवई ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम में राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सहित करीब 40 न्यायाधीश मौजूद रहे।

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गांव में टहलते हुए - फोटो : अमर उजाला
इस दौरान न्यायाधीश गवई ने कहा कि पिपलांत्री गांव हमारे सभी के लिए एक तीर्थ स्थल है। पिपलांत्री गांव में पर्यावरण के क्षेत्र में किए गए कार्यों को देश ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में फैला सकते हैं। श्याम सुंदर पालीवाल आज उदाहरण बन चुके हैं कि एक छोटा सा आदमी यदि संकल्प ले तो क्या नहीं कर सकता है।

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बच्चे को दुलारते हुए - फोटो : अमर उजाला
वहीं, कार्यक्रम के बाद केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि पिपलांत्री गांव के पूर्व सरपंच श्याम सुंदर पालीवाल ने पर्यावरण के क्षेत्र में बहुत अच्छा काम किया है। जो हम सब के लिए प्रेरणादायी है। वहीं, बाल विवाह रोकने के लिए कृति भारती ने भी बड़ा योगदान दिया है।
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ग्रामीण महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
पिपलांत्री गांव में पर्यावरण संरक्षण के तहत किए गए कार्यों से गांव की तस्वीर बदली है। गांव के पूर्व सरपंच ने करीब 20 साल पहले एक नई शुरुआत की थी। इसमें गांव में बेटी के जन्म पर 111 पौधे लगाने की शुरुआत की। ये शुरुआत संकल्प के साथ हुई जो आज पिपलांत्री गांव में परम्परा बन गई है। पौधारोपण के बाद गांव की बेटियां जब बड़ी होती हैं तो इन पौधों को अपना भाई मान कर पेड़ों को रक्षाबंधन के दिन राखी बांध कर पेड़ की सुरक्षा का संकल्प लेती हैं। आज पिपलांत्री की तर्ज पर न केवल राजसमंद बल्कि देश भर में कार्य किए जा रहे हैं।

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