राजस्थान के बीकानेर की अंतिम महारानी और पूर्व राजमाता सुशीला कुमारी रविवार को पंचतत्व में विलीन हो गईं। राजमाता को उनकी पौत्री विधायक सिद्धि कुमारी ने मुखाग्नि दी। इससे पहले पूर्व राजमाता के पार्थिव देह को देवी कुंड सागर स्थित राज परिवार के विश्राम स्थल पर लाया गया। जहां राजघराने के रीति-रिवाज से उनका अंतिम संस्कार किया गया।
शनिवार को राजमाता सुशीला देवी के निधन के बाद उनकी पार्थिव देह को जूनागढ़ किले में आम लोगों के दर्शन लिए रखा गया था। जहां हजारों लोगों, नेताओं और जन प्रतिनिधियों ने राजमाता के दर्शन किए। रविवार को किले से उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। राजमाता की अंतिम यात्रा पर लोगों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा की और उन्हें श्रद्धांजलि दी।
पूर्व राजमाता के अंतिम यात्रा में शिक्षा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला, बीजेपी नेता राजेंद्र राठौड़, नोखा विधायक बिहारी लाल बिश्नोई, देवी सिंह भाटी सहित आदि नेता मौजूद रहे।