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Rajasthan Flood: दुकान-मकान सब जमींदोज, आंखों के सामने आशियाना उजड़ते देखा; जानें बाढ़ की खौफनाक कहानी

Mon, 25 Aug 2025 08:43 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सवाई माधोपुर

सार

Rajasthan Flood: राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के जड़ावता गांव में जिन खेतों में कुछ दिन पहले तक फसलें लहरा रही थीं, वहां अब गहरी-गहरी खाइयां बन गई हैं। इन खाइयों में गांव का एक मकान, दो दुकानें और एक मंदिर ध्वस्त हो चुके हैं, जबकि दो अन्य मकान भी खतरे में हैं।
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सवाई माधोपुर में भीषण बाढ़ - फोटो : अमर उजाला
जब कोई अपनी आंखों के सामने अपने खून-पसीने की जीवनभर की कमाई से बनाए गए आशियाने को जमींदोज होते देखता है तो दिल दहल उठता है। कुछ ऐसा ही हाल इन दिनों सवाई माधोपुर जिले के जड़ावता गांव के लोगों का है। इलाके में हुई भारी बारिश के चलते लगातार पानी के तेज बहाव से गांव के खेत गहरी खाई में तब्दील हो गए हैं। इस खाई में एक मकान, दो दुकानें और दो मंदिर तक समा चुके हैं, जबकि दो मकान और गिरने की कगार पर हैं। कुदरत की इस मार के आगे ग्रामीण बेबस और लाचार नज़र आ रहे हैं और अपनी आंखों के सामने आशियाने उजड़ते देखने को मजबूर हैं।
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सवाई माधोपुर में बाढ़ के हालात - फोटो : अमर उजाला
राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के जड़ावता गांव में जिन खेतों में कुछ दिन पहले तक फसलें लहरा रही थीं, वहां अब गहरी-गहरी खाइयां बन गई हैं। इन खाइयों में गांव का एक मकान, दो दुकानें और एक मंदिर ध्वस्त हो चुके हैं, जबकि दो अन्य मकान भी खतरे में हैं। दरअसल बीते दिनों हुई भारी बारिश से जिले के करीब एक दर्जन गांवों में बाढ़ जैसे हालात हैं, लेकिन सबसे ज्यादा नुकसान जड़ावता गांव में हुआ है। 
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बाढ़ से तबाही - फोटो : अमर उजाला
हालात बिगड़ने के बाद प्रदेश के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा गांव पहुंचे थे। मंत्री के आने पर प्रशासनिक अमला भी गांव में पहुंचा और थोड़ी बहुत राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई, लेकिन मंत्री के जाते ही प्रशासनिक अधिकारी भी मौके से नदारद हो गए। फिलहाल गांव में एनडीआरएफ और कुछ पुलिस कर्मी मौजूद हैं, जो ग्रामीणों के साथ हालात पर सिर्फ नज़र बनाए हुए हैं। ग्रामीण खुद अपने स्तर पर पानी के बहाव को डायवर्ट करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि खाई के किनारे बने मकानों को ढहने से बचाया जा सके। ग्रामीणों का आरोप है कि अगर प्रशासन समय पर चेत जाता तो गांव में इस स्तर की तबाही देखने को नहीं मिलती।

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खेत में बना गड्ढा - फोटो : अमर उजाला

गांव में एक तरफ खेत खाइयों में तब्दील हो गए हैं, वहीं दूसरी ओर कई घर जलमग्न हैं। जिन घरों में पानी भर गया है, उनके लोग मजबूरी में अपना घर छोड़कर जरूरी सामान लेकर सुरक्षित जगहों पर पलायन कर रहे हैं। ट्रैक्टरों में राशन-पानी और अन्य जरूरी सामान भरकर ग्रामीण ऊंची जगहों पर शरण लेने को मजबूर हो गए हैं।

पढे़ं:  सवाई माधोपुर में बारिश का कहर, खेतों में बनी 50 फीट गहरी खाई, मकान-मंदिर सब ढहे; तस्वीरें

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गांव में घुुसा पानी - फोटो : अमर उजाला

जड़ावता गांव में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। राहत के नाम पर प्रशासनिक अधिकारी सिर्फ औपचारिकता निभाते नज़र आ रहे हैं। उधर, ग्रामीण अपनी आंखों के सामने अपने खेत-खलिहान और घरबार को बर्बाद होते देख बेबस हैं। जड़ावता गांव का यह मंजर जितना भयावह दिख रहा है, उतना ही खतरनाक भी है।



ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासन समय रहते कदम उठाता तो इस त्रासदी को रोका नहीं तो कम जरूर किया जा सकता था। फिलहाल राहत की बात यही है कि बारिश का दौर थम चुका है और पानी की आवक कम होने लगी है। ऐसे में आने वाले दिनों में स्थिति में कुछ सुधार की उम्मीद की जा रही है।

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