60 साल साथ रहने के बाद दंपति ने की शादी।
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अब पढ़ें प्रदेश की पांच अनोखी शादियों के बारे में
पिता की बारात में शामिल हुए 9 बेटे-बेटियां
16 अप्रैल को उदयपुर में एक 80 साल के बुजुर्ग ने शादी की थी। उस समय इस शादी की जमकर चर्चा हुई थी, क्योंकि 80 साल के दुल्हे के 9 बेटे-बेटियां, 20 पोता-पोती और कई नावासा-नवासी भी थे जो बारात में शामिल हुए थे। यह शादी उदयपुर जिले की कोटड़ा तहसील के गऊपीपला में हुई थी। यहां रहने वाले सकमा पिता धुलिया पारगी गुजरात के गुण भाखरी से दुल्हन मठु को ब्याह कर लाए थे। दुल्हा-दुल्हन की उम्र से ज्यादा इस शादी में इस बात की चर्चा हो रही थी कि सकमा और मठु पिछले 60 साल से साथ रह रहे थे। उनके 9 बेटे-बेटियां थी, जिनमें से लगभग सभी की शादी हो गई थी। उनके 20 बेटे- बेटियां हैं। इतने साल साथ रहने बाद दोनों ने शादी की थी।
दरअसल, उदयपुर जिले के कोटड़ा, झाड़ोल, पाली, बाली, सिरोही सहित गुजरात में रहने वाले आदिवासियों में सदियों से दापा प्रथा चली आ रही है। इसके तहत युवक-युवती आपसी सहमति से साथ रहते हैं। इससे पहले युवक युवती के परिजनों को कुछ रुपये देता है जिसे दापा प्रथा कहा जाता है। हालांकि, दापा प्रथा के तहत दी जाने वाली रकम का फैसला सामजिक स्तर पर होता है। तय रकम देने के बाद दोनों युवक-युवती साथ रहने लगते हैं और फिर अपनी मर्जी से शादी करते हैं।