आठ—नौ साल की उम्र में बच्चों का शौक टीवी देखना और खेलना तो नई बात नहीं, लेकिन हैदराबाद के इस बच्चे की इच्छा देश के "रियल हीरो" से मिलना थी।
हम बात कर रहे हैं हैदराबाद के निजामपेट में रहने वाले आठ वर्षीय रविकर रेड्डी की। यह बच्चा बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स से इतना प्रभावित था कि इसने बीएसएफ के डीजी के.के.शर्मा को पत्र लिखकर देश के "रियल हीरो" को नजदीक से जानने की इच्छा व्यक्त की। काफी दिन इंतजार करने के बाद रविकर को आखिरकार जवानों के पास जाने का मौका मिल ही गया।
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भारत पाकिस्तान की सीमा को देखा
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भारत पाक सीमा को दूरबीन से देखता रविकर
- फोटो : amar ujala
डीजी शर्मा की ओर से रविकर के घर पत्र आया, जिसमें उसे परिवार सहित जैसलमेर बुलाया गया। यह बुलावा मिलते ही रविकर के परिवारजन खुशी—खुशी उसे लेकर भारत—पाक सीमा के पास तैनात सीमा कैंप पहुंचे।
वहां तैनात जवान भी रविकर और उसके परिजनों को उनसे मिलने की उत्सुकता देखकर काफी खुश हुए। जवानों ने बताया कि सेलेब्रिटी को यहां आते तो बहुत देखा है लेकिन आज उन्हें इस बच्चे को यहां देखकर लग रहा है कि देश की जनता को उनकी कितनी चिन्ता है।
बड़ी उत्सुकता से डीजी शर्मा के साथ ही जवानों ने रविकर को बीएसएफ का अतिथि बनाकर धनाना, मुरार व बाबलियान सहित कई सीमा चौकियों का भ्रमण करवाया। इस दौरान कक्षा 4 में पढ़ने वाले रविकर का कहना था कि सीमा पर तैनात जवान ही देश के सच्चे हीरो हैं। उसने भी इन हीरोज के बारे में न्यूज पेपर में पढ़ा था तभी से उसके मन में इनसे मिलने की इच्छा जागृत हुई।