जंगल से बाहर निकलकर आबादी क्षेत्रों में आए वन्यजीवों खासकर टाइगर-पैंथर को रेसक्यू करने के बाद उनमें माइक्रोचिप लगाने का निर्णय किया है। रविवार को जोधपुर में रेस्क्यू किए एक पैंथर के माइक्रोचिप लगाई गई। ऐसे में यदि यह वापस जंगल से बाहर आता है तो उसका पता चल जाएगा।
रावली टाड़गढ वनयजीव अभयारण्य से एक पैंथर बाहर निकलकर एक गांव में घुस आया था। वन विभाग की टीम इसे रेस्क्यू कर जोधपुर ले आए थे। रविवार को पशु चिकित्साधिकारी श्रवण सिंह राठौड़ और अरविन्द माथुर ने इसे बेहोश कर माइक्रोचिप लगाई। डाॅ. राठौड़ ने बताया कि माइक्रोचिप लगाने से इस पैंथर पर भविष्य में निगरानी रखी जा सकेगी।
यह पैंथर फिर कभी जंगल से बाहर निकलता है और रेस्क्यू होता है तो इसके मूवमेंट के बारे में जानकारी मिल सकेगी। माइक्रोचिप पर एक यूनिक नम्बर अंकित है। जिसमें इस पैंथर की उम्र, रेस्क्यू संबंधी रिकाॅर्ड आदि की जानकारी दर्ज है।