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Rajasthan: शहीद भागचंद की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाव, मासूम बेटे ने पिता को दी मुखाग्नि, देखें तस्वीरें

Thu, 14 Jul 2022 05:15 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर

सार

शहीद भागचंद की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाव

 
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अंतिम यात्रा में उमड़े सैकड़ों लोग। - फोटो : अमर उजाला
अजमेर जिले के किशनगढ़ के टोंकड़ा निवासी शहीद भागचंद गुर्जर का गुरुवार को उनके पैतृक गांव में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।  बेटे यश ने शहीद पिता को मुखाग्नि दी। इससे पहले उनकी पार्थिव देह पर पुष्प चक्र चढ़ाकर उन्हें श्रद्धाजंलि अर्पित दी गई। अंतिम संस्कार में प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा सांसद भागीरथ चौधरी और विधायक सुरेश टांक सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए।  
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सैन्य सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार। - फोटो : सोशल मीडिया
अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन बॉर्डर पर सेना के वाहन के खाई में गिरने से शहीद हुए भागचंद गुर्जर का शव गुरुवार को उनके पैतृक गांव पहुंचा। इस दौरान उनकी अंतिम यात्रा में लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सैकड़ों लोगों की भीड़ ने शहीद भागचंद की शहादत को याद कर नारे लगाए। सेना के ट्रक में रखे जवान के पार्थिव शरीर के साथ सांसद भागीरथ चौधरी भी रहे। उन्होंने कहा कि हमें अमर शहीद भागचंद गुर्जर की शहादत पर गर्व है। देश के लिए उनकी शहादत को हमेशा याद रखा जाएगा। 
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लोगों ने लगाए भागचंद अमर रहें के नारे। - फोटो : अमर उजाला
शहीद भागचंद भारत-चीन बॉर्डर पर सेना की 21वीं राजपूत बटालियन में नायब सूबेदार के पद पर थे। उनकी पत्नी माया, बेटी लक्ष्मी और बेटा यश है। वह चार भाइयों में सबसे छोटे थे। 12वीं तक पढ़ाई करने के बाद भागचंद 2010 में भारतीय सेना में भर्ती हो गए थे। अरुणाचल में भारत-चीन सीमा पर ओरक इलाके में पेट्रोलिंग करते हुए वाहन के खाई में गिरने से वह शहीद हो गए थे।
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आज सुबह गांव पहुंचा था पार्थिव शरीर। - फोटो : अमर उजाला
रिटायर्ड होने में था डेढ़ साल 
शहीद भागचंद गुर्जर एक महीने की छुट्टी लेकर घर आए थे और परिवार के साथ हंसी-खुशी दिन बिताए थे।  26 जून को पोस्टिंग पर जाने से पहले उन्होंने अपने परिवार से कहा था कि जल्द ही वापस आऊंगा। वह वापस तो आए, लेकिन इस तरह आएंगे यह किसी ने नहीं सोचा था। डेढ़ साल बाद वह रिटायर्ड भी होने वाले थे। 
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