पूजन करते प्रभारी मंत्री जोराराम कुमावत
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बाड़मेर में मैराथन दौड़ से दिया जल संरक्षण का संदेश
रेगिस्तानी क्षेत्र बाड़मेर में भूजल स्तर बढ़ाने और जल संचयन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से गुरुवार को वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान का शुभारंभ जिला मुख्यालय पर प्रभारी मंत्री जोराराम कुमावत, प्रभारी सचिव सुबीर कुमार, चौहटन विधायक आदूराम मेघवाल, जिला कलेक्टर टीना डाबी, उपवन संरक्षक सविता दहिया और भाजपा जिलाध्यक्ष अनंतराम विश्नोई द्वारा सर्किट हाउस से जसदेर धाम तक आयोजित मैराथन दौड़ को हरी झंडी दिखाकर किया गया।
इस मैराथन दौड़ में बड़ी संख्या में युवाओं, बीएसएफ जवानों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। दौड़ के समापन पर जसदेर धाम तालाब पर विश्व पर्यावरण दिवस और गंगा दशहरा के पावन संयोग पर विधिवत पूजा-अर्चना की गई, जिससे अभियान की आधिकारिक शुरुआत की गई। इस मौके पर प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रूमादेवी सहित अनेक महिलाएं भी मौजूद रहीं।
कार्यक्रम के बाद सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में प्रभारी मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन में यह अभियान प्रदेशभर में शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान परंपरागत रूप से बरसाती पानी पर निर्भर रहा है और बाड़मेर-जैसलमेर जैसे जिलों में लोग कभी ऊंटों के जरिए पानी लाते थे। आज केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से घर-घर पानी पहुंचाया जा रहा है, लेकिन जल संकट की जड़ में जल संरक्षण की कमी है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत गांव-गांव, ढाणी-ढाणी में जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा ताकि जल संरक्षण एक जन आंदोलन का रूप ले सके।
जन आंदोलन बनेगा वंदे गंगा अभियान
सरकार का उद्देश्य इस अभियान को जन आंदोलन बनाना है, जिसमें पर्यावरण संरक्षण, जल बचाव और जल स्रोतों के पुनर्जीवन को जनसहभागिता से साकार किया जा सके।
अभियान के तहत जल स्रोतों की सफाई, अतिक्रमण हटाना, वृक्षारोपण और वर्षा जल के पुनर्भरण जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। यह अभियान राजस्थान की गौरवशाली जल संस्कृति को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।