फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan Borewell News: अब भी बोरवेल में चेतना, सुरंग के बीच आए पत्थर, बच्ची तक पहुंचने में देरी की वजह यही

Sun, 29 Dec 2024 07:56 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Kotputli Borewell Rescue: राजस्थान के कोटपुतली में सातवें दिन भी भूखी-प्यासी तीन साल की चेतना बोरवेल में फंसी हुई है। उस तक पहुंचने के लिए सुरंग बनाने का काम जारी है लेकिन पत्थर आ जाने के कारण सुरंग बनाने के काम में देरी हो रही हैं।
विज्ञापन
1 of 6
चेतना को बचाने के प्रयास जारी। - फोटो : अमर उजाला
Kotputli Borewell Rescue: राजस्थान के कोटपूतली में 700 फीट गहरे बोरवेल में तीन साल की चेतना अभी भी फंसी हुई है। आज बोरवेल में गिरे हुए उसे सातवां दिन है, इतने दिन से मासूम बच्ची भूखी-प्यासी है। वह 120 फीट की गहराई पर एक हुक से लटकी हुई है। चेतना को निकालने के लिए एनडीआरएफ के जवान 170 फीट गहरे गड्ढे में सुरंग खोद रहे हैं, लेकिन खुदाई के दौरान बीच में आ रहे पत्थरों से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेस्क्यू टीम ड्रिल मशीन से पत्थरों को काटकर रास्ता बनाने की कोशिश कर रही है। रेस्क्यू अभियान में जुटे अधिकारियों का कहना है कि यदि जल्दबाजी की गई तो मिट्टी के धंसकने की आशंका है इसलिए सावधानीपूर्वक काम किया जा रहा है। 

गौरतलब है कि चेतना को रेस्क्यू करने वाली टीम ने आज चेतना को बाहर निकालने का दावा किया था, लेकिन उपर्युक्त कारणों से अब टीम को सफलता नहीं मिल पाई है। रेस्क्यू टीम अब भी प्रयासों में लगी हुई है।

राजस्थान का सबसे मुश्किल ऑपरेशन
इससे पहले जिला कलेक्टर कल्पना अग्रवाल का कहना है कि यह राजस्थान का सबसे मुश्किल ऑपरेशन है। खुदाई में कई तरह की परेशानी आ रही हैं। इधर, चेतना की मां धोली देवी बेटी को निकालने में हो रही देरी से बहुत परेशान हैं। उनका रो-रोकर बुरा हाल है। वे हाथ जोड़कर वस एक ही विनती कर ही हैं कि मेरी बेटी को जल्दी बाहर निकाल दो। 

विज्ञापन

2 of 6
बोरवेल में फंसी चेतना कब आएगी बाहर? - फोटो : Amar Ujala
कल परिवार ने प्रशासन पर लगाए थे गंभीर आरोप 
मासूम बच्ची चेतना को बाहर निकालने में हो रही देरी पर शनिवार को परिवार ने प्रशासन और कलेक्टर पर गंभीर आरोप लगा रहा थे। परिवार का कहना था कि पहले तो कलेक्टर छुट्टी पर थी। लेकिन, आने के बाद भी वे एक बार भी हमसे मिलने नहीं आई हैं। चेतना के ताऊ शुभराम ने कहा कि अधिकारियों से कुछ पूछो तो वे जवाब नहीं देते हैं। अधिक सवाल करने पर कहते है- जो भी बताएंगी कलेक्टर मैडम ही बताएंगी।
विज्ञापन

3 of 6
चेतना तक पहुंचने खोदी जा रही सुरंग। - फोटो : Amar Ujala
कैसे खोदी जा रही सुरंग 
मासूम चेतना तक पहुंचने के लिए एनडीआरएफ के 6 जवानों की तीन टीमें में बनाई गई हैं। एक बार में दो जवान को 170 फीट गहरे गड्ढे में उतरे और बोरवेल तक सीधी सुरंग खोद रहे हैं। दो जवानों की एक टीम करीब 20-25 मिनट अंदर रहकर खुदाई कर रही है, फिर उन्हें बाहर निकालकर दूसरी टीम को नीचे भेजा जा रहा है। इसी तरह सुरंग बनाने का सिलसिला जारी है। जवानों के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था भी की गई है।

4 of 6
Rajasthan Borewell Rescue Operation Update - फोटो : Amar Ujala
किस दिन क्या हुआ? 
23 दिसंबर:
कोटपूतली के किरतपुरा क्षेत्र के बड़ीयाली ढाणी में दोपहर करीब 1:50 बजे तीन साल की बच्ची चेतना बोरवेल में गिरी। करीब 10 मिनट बाद परिजनों को बच्ची के राने की आवाज सुनाई दी, तब उन्हें पता चला कि वह बोरवेल में गिर गई है। तत्काल परिजनों ने प्रशासन को सूचना दी। दोपहर 2:30 बजे एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के साथ प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। 3:20 बजे मेडिकल टीम घटनास्थल पर पहुंची। 3:45 पर पाइप के जरिए बच्ची को ऑक्सीजन पहुंचाई गई। 5:15 पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। रात 8:45 पर देसी जुगाड़ के एक्सपर्ट जगराम अपनी टीम के साथ बच्ची को रेस्क्यू करने पहुंचे। इसी दिन रात तीन बजे तक अंब्रेला और रिंग रॉड से बच्ची को रेस्क्यू करने के दो प्रयास किए गए, लेकिन दोनों की असफर रहे। 

24 दिसंबर: सुबह 5:30 बजे से प्रशासन फिर सक्रिय हुआ। अधिकारियों ने परिजनों से चेतना को हुक में फंसा कर बाहर निकलने की अनुमति ली। 9:30 बजे तक बच्ची को 15 फीट ऊपर खींचा गया। लगातार अफसल होने के बाद प्रशासन ने हरियाणा के गुरुग्राम से पैरलल गड्डा खोदने के लिए पाइलिंग मशीन मंगवाई। रात करीब 11 बजे मशीन मौके पर पहुंची। 
विज्ञापन

5 of 6
Rajasthan Borewell Rescue Operation Update - फोटो : Amar Ujala
25 दिसंबर: 8:00 बजे से पाइलिंग मशीन से गड्ढा खोदने का काम शुरू किया गया। दोपहर एक बजे तक 40 फीट सुरंग करने के बाद पाइलिंग मशीन बंद की गई। शाम पांच पाइलिंग मशीन के साथ 4 फीट मोटा बिट असेंबल किया गया है। 5:30 बजे रेस्क्यू अभियान एक बार फिर से शुरू किया गया। शाम छह बजे 200 फीट क्षमता की एक और पाइलिंग मशीन मौके पर पहुंची। इसे चलाने के लिए गुजरात से एक और टीम भी आई। आठ बजे रेट माइनर की टीम पहुंची। नौ बजे बच्ची की माता घोली देवी की तबीयत बिगड़ी। रात 11 बजे कोटपूतली-बहरोड़ कलेक्टर कल्पना अग्रवाल घटनास्थल पर पहुंची। 

26 दिसंबर: सुबह 10 बजे पत्थर आने के कारण पाइलिंग मशीन को रोका गया। छह घंटे में मशीन से पत्थर को काटा गया। शाम करीब छह बजे गड्ढे की गहराई चेक की गई, इसके बाद पाइलिंग मशीन को हटाया गया। 6:30 बजे से क्रेन से गड्ढे में सेफ्टी पाइप लगाना शुरू किए गए। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
Rajasthan Borewell Rescue Operation Update - फोटो : अमर उजाला
27 दिसंबर: दोपहर करीब 12  बजे तक 170 फीट गहरे खोदे गए गड्ढे में लोहे के पाइप फिट किए गए। 12:40  बजे इन पाइप का वजन उठाने के लिए 100 टन क्षमता की मशीन मौके पर बुलाई गई। करीब एक बजे मौसम बदलने के कारण हुई बारिश से पाइप वेल्डिंग का काम रुक गया। शाम पांच बजे वेल्डिंग का काम दोबारा शुरू किया गया, जो देर रात तक चलता रहा। 

28 दिसंबर: एनडीआरएफ के 6 जवानों की टीम बनाई गई। दो-दो जवानों को सुरंग खोदने के लिए 170 गहरे गड्ढे में उतारा गया। इन जवानों ने चार फीट सुरंग खोदी।    
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें