ज्ञापन सौंपते हुए
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कॉलेज प्रशासन की ओर से कार्रवाई
विरोध की सूचना मिलने पर कुछ छात्राओं के परिजन कॉलेज पहुंचे थे। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने मेन गेट के चैन लगाकर ताला लगा दिया और गार्ड तैनात कर दिए। ताकि छात्राओं को किसी से बात न करने दी जाए। इससे गुस्साई छात्राएं मेन गेट पर लगे ताले और चैन को तोड़कर बाहर आ गईं। बाद में जांच करने आई कमेटी ने छात्राओं से बात की और उनकी शिकायतें सुनीं।
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जांच और कार्रवाई की स्थिति
तीन फरवरी को छात्राओं और स्टॉफ ने तकनीकी शिक्षा विभाग को शिकायत दी थी, जिसके बाद विभागीय जांच कमेटी ने प्रिंसिपल को दोषी पाया और निलंबित कर दिया। इसके बावजूद छात्राओं और शिकायत करने वाले स्टॉफ का आरोप है कि प्रिंसिपल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई और सभी शिकायतों का निवारण नहीं हुआ। छात्राओं और स्टॉफ ने महिला आयोग, मुख्यमंत्री और राजस्थान संपर्क पोर्टल पर भी इस मामले की शिकायत की थी। लेकिन वहां से भी उन्हें कोई ठोस कार्रवाई का जवाब नहीं मिला।
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पुलिस में शिकायत
कालेज के कार्यवाहक प्रिंसिपल विनोद जांगिड़ का कहना है कि जांच करने आई कमेटी का छात्राओं ने विरोध किया, लेकिन बाद में पुलिस को बुलाकर छात्राओं की शिकायतें ली गईं। थानाधिकारी प्रताप नगर, मनोज बेरवाल ने बताया कि करीब 20 छात्राओं ने हस्ताक्षर करके रिपोर्ट दी है, जिसमें प्रिंसिपल सैयद मश्कूर अली पर दुराचार का आरोप लगाया गया है। मामले की जांच सब इंस्पेक्टर रेखा को सौंप दी गई है। इस घटना ने कॉलेज में घेराबंदी और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है, और अब पुलिस इस मामले की गहरी जांच कर रही है।