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Rajasthan: धौलपुर में घरों की छत तक पहुंचा पानी, कोटा में 12 इलाके डूबे, एक की डूबने से मौत, देखें तस्वीरें

Thu, 25 Aug 2022 10:55 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

धौलपुर में घरों की छत तक पहुंचा पानी, कोटा में 12 इलाके डूबे, एक की डूबने से मौत, देखें तस्वीरें
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हर तरफ पानी ही पानी। - फोटो : अमर उजाला
राजस्थान में बारिश का दौर जारी है। इससे कई जिलों बाढ़ आ गई है। कोटा, बूंदी, बारां, करौली, सवाई माधोपुर, झालावाड़ और धौलपुर जिले में बाढ़ आ गई है। इन जिलों के कई गांव ऐस हैं जो पूरी तरह से पानी में डूब गए हैं। कोटा और धौलपुर के कुछ गांव में घरों की छत तक पानी भरा हुआ है। बाढ़ग्रस्त जिलों में  सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला प्रशासन, पुलिस सहित अन्य टीमें लोगों बाहर निकालने में जुटी हुईं हैं। अब तक 5 हजार से ज्यादा लोंगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा चुका है। बाढ़ ग्रस्त जिलों के गांव में किस से पानी ने तबाही मचाई है, आइए आपको तस्वीरों के जरिए दिखाते हैं।  
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घरों की छत तक पहुंचा पानी। - फोटो : सोशल मीडिया
बारिश के कारण सबसे ज्यादा खराब हालात कोटा, झालावाड़ और धौलपुर जिले में हैं। यहां गांव के गांव पानी में डूब गए हैं। हर तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। धौलपुर में चंबल नदी ने 26 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। गुरुवार दोपहर तक नदी का जलस्तर 146.34 मीटर पहुंच गया है। 1996 में यह 145.54 मीटर तक पहुंचा था। कोटा बैराज से चंबल नदी में छोड़े गए पानी के कारण जिले के 120 से ज्यादा गांव में बाढ़ के हालात बन गए हैं। नदी खतरे के निशान करीब 15 मीटर ऊपर बह रही है।
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बचाव कार्य में जुटी हैं टीमें। - फोटो : सोशल मीडिया
चंबल नदी के किनारे बसे गांवों में फंसे लोगों को सेना, एसडीआरएफ, जिला प्रशासन और पुलिस टीमें सुरक्षित स्थान पर पहुंचा रही हैं। धौलपुर में सेना का एक कॉलम और एसडीआरएफ की 4 टीमें तैनात की गई हैं। वहीं गुरुवार को पार्वती नदी में डूबने से एक युवक की मौत हो गई। मृतक अमित पुत्र महेश परमार चौधरी पुरा गांव का रहने वाला था। वह अपने दोस्तों के साथ नहाने के लिए गया था।

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इस तरह भरा हुआ है पानी। - फोटो : सोशल मीडिया
बाढ़ के कारण कोटा जिले में भी हालात खराब हैं। घरों और इलाके में पानी भरने के कारण 6 हजार से ज्यादा बेघर हो गए हैं। उन्हें रेस्क्यू कर शेल्टर होम में शिफ्ट किया गया। शहर के 12 से ज्यादा इलाके पानी में पूरी तरह से डूब चुके हैं। लोगों को रेस्क्यू करने के लिए यहां एनडीआरएफ की 2, एसडीआरएफ की 4 और सेना की एक टीम तैनात की गई है।
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झालवाड़ में करीब 40 साल बाद बाढ़ जैसे हालात। - फोटो : सोशल मीडिया
झालवाड़ में करीब 40 साल बाद बाढ़ जैसे हालात बने हैं। कालीसिंध नदी में बढ़े पानी ने शहर को पानी-पानी कर दिया। शहर की 10 से ज्यादा निचली बस्तियां जलमग्न हो गईं। शुभम सिटी, राजलक्षमी नगर, ड्रिम सिटी, हरिनगर कॉलोनी और शिवाजी कॉलोनी से लोगों को नावों के जरिए रेस्क्यू किया गया। जिले में एसडीआरएफ की 3, एनडीआरएफ की एक और सेना की टीमें तैनात हैं।
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