कालिका माता मंदिर चित्तौड़गढ़
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युद्ध में साथ ले जाई जाती थी देवी प्रतिमा
इतिहासकारों और मंदिर से जुड़े लोगों का मानना है कि जब-जब मुगल आक्रमण करते, तब यहां के राजपूत योद्धा देवी की मूर्ति को रणभूमि में साथ ले जाते थे। इससे मंदिर में पूजा-सेवा बाधित होती थी। बाद में महाराणा सज्जन सिंह ने अम्बा माता की प्रतिमा भी मंदिर में स्थापित कराई, ताकि पूजा-अर्चना निरंतर चलती रहे।