17 सितंबर यानी शनिवार को पीएम मोदी का जन्मदिन मनाया गया, लेकिन यह दिन अब इतिहास में दर्ज हो गया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि इस दिन देश की जमीन पर करीब 70 साल बाद चीतों ने कदम रखा। हालांकि, चीतों का इतिहास भारत के लिए नया नहीं है। करीब 125 साल पहले देश में चीते हुए करते थे। इसके बाद चीतों की प्रजाति लुप्त हो गई थी।
राजस्थान के इतिहास की बात करें तो 1914 में विदेशी दंपति विल फ्रायड सवाई माधो सिंह द्वितीय के यहां महमान बनकर आए। इस दौरान उन्होंने चीतों को देखने को देखने की इच्छा जाहिर की। माधो सिंह ने उन्हें बताया कि अब हमारे यहां चीते नहीं हैं। जयपुर से जाते समय विल फ्रायड ने कहा कि महाराज से वादा कि वह उनके लिए इंग्लैंड से चीतें भेजेंगे।