चर्च मंदिर में बदला, भगवा रंग में रंगा।
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39 साल पहले छोड़ा था हिंदू धर्म
अब तक चर्च के पादरी रहे गौतम ने हिंदू धर्म में वापसी कर चर्च को मंदिर में बदलने का काम शुरू कराया था जो अब पूरा हो गया। आदिवासी गोत्र गरासिया से जुड़े गौतम ने बताया कि उन्होंने 30 साल पहले ईसाई धर्म अपनाया था। इसके बाद इस धर्म से जुड़े पदाधिकारी गांव में आने लगे। प्रार्थना और सभा होने लगी। उनके दो बेटे, बहुओं और अन्य परिवार भी ईसाई धर्म से जुड़े तो उन्हें पादरी बना दिया गया। लेकिन, भारत माता परियोजना के तहत गांव के अधिकांश परिवारों ने अपने धर्म में वापसी कर ली है।
स्वयं की जमीन पर बनाया था चर्च
गौतम ने बताया कि उन्होंने पादरी बनने के बाद खुद की जमीन पर करीब तीन साल पहले चर्च बनाया था। चर्च बनने के बाद धर्मसभा में अन्य पादरी भी आने लगे थे। वह चर्च में हर रविवार को प्रार्थना सभा भी करता था। उसके धर्म बदलने पर 45 अन्य ग्रामीणों ने भी धर्म बदला था। गौतम के हिंदू धर्म में वापसी करने के बाद उसके परिवार समेत 30 परिवारों ने भी हिंदू धर्म अपनाया है। चर्च से मंदिर बनने पर उसके शिखर पर धार्मिक ध्वज फहरा रहा हैं।