संतोष उर्फ संध्या।
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योजना के अनुसार संध्या, उसके प्रेमी हनुमान, दीपक और कपिल ने तय किया कि बनवारी लाल और मोहित की हत्या दो अक्टूबर की रात को करेंगे। हत्या के लिए हनुमान दो दिन पहले ही अलवर आ गया था। योजना के तहत हत्या से पहले पूरे परिवार को नींद की गोलियां खिलाईं जानी थी। संध्या ने रायते में मिलाकर सभी को नींच की गोलियां खिला दीं। संध्या लगातार हनुमान से फोन पर बात कर रही थी और उसे जानकारी दी रही थी।
रात करीब एक बजे हनुमान, कपिल और दीपक संध्या के घर पहुंचे। संध्या ने गेट खोलकर तीनों को अंदर बुलाया। इसके बाद उसने बताया कि बनवारी लाल शर्मा (45), बेटा मोहित (17), हैप्पी (15) अज्जू (12) और भतीजा निक्की (10) नीचे वाले कमरे में सो रहे हैं। हनुमान अपने साथियों के साथ कमरे में पहुंचा। हनुमान ने सबसे पहले बनवारी का गला काटा और उसके साथियों ने शरीर पर चाकू से एक के बाद एक कई बार किए। इसके बाद उसने मोहित का गला काट दिया। संध्या ये सब सीढ़ियों से खड़ी होकर देख रही थी। संध्या ने पुलिस को दिए अपने बयान में कहा था कि वह सिर्फ मोहित और बनवारी को ही मारना चाहती थी, लेकिन हनुमान ने सभी का गला काट दिया और उसके दोनों साथियों ने पांचों पर चाकूओं के इतने वार किए कि सभी की मौके पर ही मौत हो गई।