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Rajasthan News: अजमेर में निकली बरात में बरातियों से ज्यादा पुलिस, ड्रोन से निगरानी; गांव छावनी में तब्दील

Wed, 22 Jan 2025 02:29 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर

सार

Rajasthan News: अजमेर जिले में दूल्हे की बरात भारी पुलिस सुरक्षा के बीच निकाली गई, क्योंकि दुल्हन के परिवार ने प्रशासन से संपर्क कर आशंका जताई थी कि ऊंची जातियों द्वारा घोड़े पर सवार बरात का विरोध किया जा सकता है।

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घोड़ी को घेरे पुलिस - फोटो : अमर उजाला
राजस्थान के अजमेर जिले के लवेरा गांव में एक ऐतिहासिक घटना घटी। जब दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले श्रीनगर निवासी विजय रैगर ने अपनी बरात घोड़ी पर बैठकर निकाली। उन्होंने लवेरा गांव के रहने वाले नारायण खोरवाल की बेटी अरुणा से ब्याह रचाया।
 
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बाबा साहब की फोटो हाथ में उठाए - फोटो : अमर उजाला
यह घटना केवल एक शादी समारोह तक सीमित नहीं रही, बल्कि सामाजिक समता और अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक बन गई। विजय रैगर की बरात करीब 100 से अधिक पुलिस कर्मियों और अधिकारियों की सुरक्षा के साये में निकाली गई, ताकि किसी भी प्रकार की जातीय हिंसा या विरोध को रोका जा सके। 
 
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घर के बाहर तैनात पुलिस जाब्ता - फोटो : अमर उजाला
श्रीनगर से बरात 2:30 बजे लवेरा गांव के राजकीय आयुर्वेद औषधालय पहुंची, जहां पहले से पुलिस जाब्ता तैनात था। वहां से पांच ढोल वालों के साथ नाचते गाते अलग-अलग मार्ग से होते हुए वधू के घर पहुंची, जहां हिंदू रीति रिवाज की रस्में अदा कर दूल्हे विजय रेगर ने पुलिस सुरक्षा के बीच तोरण मारी।
 
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छावनी में तब्दील गांव - फोटो : अमर उजाला

20 साल पहले हुआ था विवाद
दरअसल, 9 जुलाई 2005 में नारायण लाल रैगर की बहन सुनिता की शादी में लवेरा गांव में एक प्रभावशाली वर्ग के लोगों ने आपत्ति जताई थी। इस मसले पर विवाद गहरा गया था। उस समय भी पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए थे। अतिरिक्त पुलिस जाप्ता भी तैनात किया गया था, इसके बावजूद विशेष वर्ग के दबाव में घोड़ी वाला बरात में से घोड़ी लेकर गायब हो गया था। इसके बाद बारात पुलिस जीप में दूल्हे को बैठाकर बरात निकाली गई।


 
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