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Ajmer: भारी बारिश से अजमेर में बाढ़ जैसे हालात, आनासागर झील ओवरफ्लो, सड़कों पर बहा पानी, राहत कार्यों में तेजी

Sat, 19 Jul 2025 09:14 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर

सार

कल रात शहर में हुई भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। आनासागर का पानी ओवरफ्लो होने के कारण उसका पानी मुख्य सड़क तक पहुंच गया। जगह-जगह हुए जलभराव के कारण कई वाहन पानी में बंद हो गए।
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आनासागर झील के ओवरफ्लो होने के बाद सड़क भरा पानी - फोटो : अमर उजाला
जिले में बीती रात हुई मूसलाधार बारिश ने शहर में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। ऐतिहासिक आनासागर झील ओवरफ्लो हो गई है और उसका पानी मुख्य सड़कों तक पहुंच गया है। वैशाली नगर, सागर विहार कॉलोनी सहित कई पॉश रिहायशी इलाके 3 से 4 फुट पानी में डूब गए हैं। जलभराव की स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि लोग अपने घरों में कैद हो गए हैं, गाड़ियां खराब हो गईं और जीवनयापन के लिए जरूरी सामान तक लाना मुश्किल हो गया।
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राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवरानी में जिला कलेक्टर लोकबंधु, डिप्टी मेयर नीरज जैन सहित अन्य अधिकारियों के साथ किया जल भराव वाले इलाकों का दौरा - फोटो : अमर उजाला
विधानसभा अध्यक्ष ने किया जलभराव क्षेत्र का दौरा

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष ने स्वयं जलभराव वाले क्षेत्रों का दौरा किया। उनके साथ जिला कलेक्टर लोकबंधु, डिप्टी मेयर नीरज जैन, एसपी वंदिता राणा, एडिशनल एसपी सिटी हिमांशु जांगिड़ सहित आला अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने सुभाष उद्यान, वैशाली नगर, सागर विहार कॉलोनी और आनासागर चौपाटी सहित अन्य क्षेत्र का निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद अधिकारियों को तुरंत राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। 

विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद दी जाए और जलनिकासी की व्यवस्था में तेजी लाई जाए। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं और भरोसा दिलाया कि सरकार इस पर गंभीर है और जल्द ही स्थाई समाधान की दिशा में काम किया जाएगा।
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वैशाली नगर के सागर विहार कॉलोनी में पानी में डूबे वाहन - फोटो : अमर उजाला
सड़कें बनीं दरिया, वाहनों का बंद होना आम

तेज बारिश के बाद आनासागर झील का जलस्तर बढ़ गया और उसका पानी सड़कों पर फैल गया। आनासागर चौपाटी और सुभाष उद्यान मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गए। कई वाहन पानी में बंद हो गए, जिन्हें लोग धक्का देते हुए निकालते देखे गए। सुभाष उद्यान मार्ग पर पानी भरने के बाद पुलिस ने रास्ता बंद कर दिया ताकि कोई हादसा न हो।

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शहर के वैशाली नगर की पोश कॉलोनी सागर विहार जलमग्न - फोटो : अमर उजाला
कॉलोनियों में हाउस अरेस्ट जैसी स्थिति

वैशाली नगर की सागर विहार कॉलोनी सहित अन्य क्षेत्रों में घरों के अंदर तक पानी भर गया है। कॉलोनीवासियों ने बताया कि बारिश के हर मौसम में ऐसी स्थिति बनती है लेकिन कोई स्थायी समाधान अब तक नहीं किया गया। कई लोगों ने मजबूर होकर अपने घरों पर ताले लगाकर सुरक्षित स्थानों की ओर रुख किया है। स्थानीय लोगों ने कहा कि न तो दूध, न सब्जी, न ही अन्य जरूरी सामान उनके पास पहुंच पा रहा है। पानी कमर तक भर चुका है, गाड़ियां बंद हो चुकी हैं और बच्चे व बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान हो रहे हैं।
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सागर विहार कॉलोनी से नाव में बैठाकर लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाती सिविल डिफेंस की टीम - फोटो : अमर उजाला
सिविल डिफेंस की रेस्क्यू टीम ने नाव से निकाले लोग

सिविल डिफेंस की टीम ने सागर विहार कॉलोनी में फंसे लोगों को नाव के सहारे सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। प्रशासन ने कई इलाकों में नाव, रस्सी और बचाव उपकरणों की मदद से लोगों को निकाला। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि राहत शिविर भी तैयार किए जा रहे हैं, जहां प्रभावित लोगों को अस्थायी रूप से रखा जा सकेगा।
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जलभराव के कारण सागर विहार कॉलोनी के लोगों ने किया पलायन, घरों पर लगे ताले - फोटो : अमर उजाला
लाखन कोटड़ी में मकान का छज्जा गिरा

बारिश के दौरान लाखन कोटड़ी इलाके में एक पुराना मकान, जिसे तोड़ने का कार्य चल रहा था, उसका छज्जा गिर गया। सौभाग्य से इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन मलबा सड़क पर गिरने से यातायात अवरुद्ध हो गया।
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पुष्कर सरोवर में पानी की अच्छी आवक हुई, जिससे सरोवर के सभी घाट पानी में डूबे नजर आए - फोटो : अमर उजाला
पुष्कर सरोवर भी लबालब

पुष्कर में भी बारिश ने ऐतिहासिक नजारा पेश किया। पवित्र पुष्कर सरोवर में 24 घंटे की बारिश में जलस्तर 30 फीट तक बढ़ गया है। सभी 52 घाट और घाटों पर बने मंदिर पानी में डूबे नजर आ रहे हैं। पंडित रवि शर्मा ने बताया कि इससे पहले 1985 और 1987 में सरोवर इस तरह से लबालब हुआ था। स्थानीय पुरोहितों ने इसे शुभ संकेत बताया और क्षेत्र में अच्छी वर्षा के लिए देवताओं को धन्यवाद दिया।

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अजमेर में भारी बारिश ने जहां प्राकृतिक सौंदर्य को जीवंत कर दिया, वहीं शहर की अव्यवस्थित जल निकासी औ - फोटो : अमर उजाला
प्रशासन सतर्क लेकिन प्रतिक्रिया धीमी

हालात बिगड़ने के बाद प्रशासन की टीम सक्रिय हुई, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पहले से तैयारी की गई होती, तो इतनी परेशानी न होती। विधानसभा अध्यक्ष के दौरे के बाद प्रशासन ने राहत कार्यों में तेजी लाई है, लेकिन अब लोग स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
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बजरंगगढ़ चौराहे से पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग करके मार्ग पर आवागमन किया बंद - फोटो : अमर उजाला
अजमेर में भारी बारिश ने जहां प्राकृतिक सौंदर्य को जीवंत कर दिया, वहीं शहर की अव्यवस्थित जल निकासी और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर भी कर दिया है। आनासागर झील और पुष्कर सरोवर में पानी भरने की घटनाएं जहां धार्मिक और प्राकृतिक दृष्टिकोण से शुभ मानी जा रही हैं, वहीं नागरिकों के लिए यह आफत बन गई है। अब प्रशासन और सरकार पर जिम्मेदारी है कि वे इस वार्षिक आपदा का दीर्घकालीन समाधान सुनिश्चित करें।
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