पंजाब की मोगा विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी एवं बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद की बहन चुनाव हार गई हैं। कोरोना काल में सेवा कार्यों से देश के लोगों को प्रभावित कर मसीहा बने सोनू सूद का स्टारडम उनके खुद के मोगा हलके के लोगों पर नहीं चल सका। चुनाव में कांग्रेस से टिकट मिलने पर काफी जोर-आजमाइश कर रहीं मालविका की जीत की चर्चाएं जोरों पर चल रही थीं। मगर मोगा हलके के लोगों पर भी आप की लहर का असर खुलकर चला। मोगा समेत जिले की चारों विधानसभा धर्मकोट, बाघापुराना तथा निहाल सिंह वाला में भी आप का जादू चला है और आप ने पूरी तरह विपक्षी दलों का सूपड़ा साफ कर डाला। मोगा विधानसभा सीट से आप प्रत्याशी डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा, धर्मकोट से आप प्रत्याशी दविंदर जीत सिंह लाडी ढौंस, बाघापुराना से आप प्रत्याशी अमृतपाल सिंह सुखानंद तथा निहाल सिंह वाला विधानसभा सीट से मनजीत सिंह बिलासपुर विजेता रहे हैं।
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पंजाब
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बता दें कि सोनू सूद की बहन मालविका सूद मोगा से जहां दूसरे स्थान पर रही हैं। वहीं शिअद प्रत्याशी बरजिंदर सिंह बराड़ मक्खन तीसरे स्थान पर आए। डॉ. अमनदीप कौर को 59149 मत मिले। जबकि मालविका को 38234 मत मिले।
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सोनू सूद व उनकी बहन मालविका सूद सच्चर।
- फोटो : सोशल मीडिया
बाघापुराना विधानसभा सीट से आप प्रत्याशी अमृतपाल सिंह सुखानंद विजेता रहे। उन्हें 67143 मत मिले। धर्मकोट से आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी दविंदर सिंह लाड़ी ढौंस लगभग 28 हजार मतों से जीते। निहाल सिंह वाला विधानसभा सीट से आप के मनजीत सिंह बिलासपुर विजयी रहे।
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सोनू सूद, उनकी बहन मालविका सूद सच्चर कांग्रेस नेता चन्नी और सिद्धू के साथ
- फोटो : सोशल मीडिया
मनजीत सिंह को 67313 मत मिले। जबकि दूसरे स्थान पर रहीं कांग्रेस की राजविंदर कौर को 39739 मत मिले। इस चुनाव में जहां मोगा से मालविका सूद को अपने भाई सोनू सूद के स्टारडम के बावजूद हार का सामना करना पड़ा।
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सोनू सूद व उनकी बहन मालविका सूद सच्चर एक प्रेसवार्ता के दौरान (फाइल)
- फोटो : सोशल मीडिया
वहीं पिछले चुनाव में विजेता रहे डॉ. हरजोत कमल जो मालविका को कांग्रेस की टिकट मिलने से बागी होकर भाजपा में शामिल हुए थे, उन्हें भी हार का मुंह देखना पड़ा।
वे तो इस चुनाव में सबसे पिछड़ गए हैं। हालांकि मोगा से मालविका सूद बेशक आप प्रत्याशी डॉ. अमनदीप कौर के मुकाबले 20915 मतों से पीछे रहते हुए दूसरे स्थान पर तो आ पहुंची।
मगर अन्य विधान सभा क्षेत्रों से कांग्रेस के प्रत्याशी तीसरे व चौथे स्थान पर सिमट गए। बता दें कि 2017 चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने तीन सीटें निकाली थीं, मगर इस चुनाव में पिछले जीते विधायक भी हार गए।