वाहनों की टक्कर के बाद उड़े परखच्चे।
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कैंटर बना काल का दूत
जानकारी के अनुसार, एक कैंटर रात से ही सड़क के बीचों-बीच खड़ा था। सुबह घनी धुंध के कारण दृश्यता बहुत कम थी, जिस वजह से पीछे से आ रहे वाहन चालकों को सड़क के बीचों-बीच खड़ा कैंटर नजर नहीं आया। सबसे पहले कुछ गाड़ियां खड़े कैंटर से टकराईं, फिर पीआरटीसी बस की टक्कर हुई और इसके बाद एक-एक करके पीछे से आ रहे अन्य वाहन आपस में भिड़ते गए।