शहीद भगत सिंह करिश्माई क्रांतिकारी होने के साथ एक महान बुद्धिजीवी भी थे। आम लोगों में धारणा है और अकसर यह कहा भी जाता है कि भगत सिंह हमेशा अपनी जेब में पिस्तौल रखते थे, लेकिन यह सरासर गलत है। वह अपनी एक जेब में डिक्शनरी और दूसरी में किताब रखते थे। भगत सिंह के दिमाग में किताबी कीड़ा था। किसी दोस्त के घर गए या फिर कहीं बैठे हैं, तो वह तुरंत अपनी जेब से किताब निकालकर पढ़ने लगते थे। इस दौरान अगर अंग्रेजी का कोई शब्द समझ नहीं आया, तो डिक्शनरी निकालकर उसका अर्थ जानते थे।
अमर उजाला से खास बातचीत में दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी से रिटायर प्रोफेसर चमन लाल ने शहीद-ए-आजम भगत सिंह के जीवन के कुछ ऐसे तथ्यों का खुलासा किया, जिसे आज तक न किसी ने कहीं पढ़ा होगा और न सुना होगा। प्रोफेसर चमन लाल को उनके भगत सिंह के जीवन पर किए शोध के लिए देश ही नहीं, पूरी दुनिया में जाना जाता है। भगत सिंह से जुड़े तथ्य जुटाने के लिए प्रोफेसर चमन लाल शहीद के खटकड़कलां के पैतृक निवास से लेकर विदेश में बसी उनकी बहन तक पहुंच करने में भी पीछे नहीं रहे।