जिस शंभू बाॅर्डर पर ढाई किलोमीटर के एरिया में किसानों ने पूरी एक टेंट सिटी बसा ली थी। जहां उनकी जरूरत का हर सामान उपलब्ध था। किसानों ने अपने अस्थायी घरों से लेकर दफ्तर, लंगर हाॅल, स्टोर रूम, शौचालय तक बना लिए थे, अब वहां पुलिस एक्शन के बाद टूटे टेंट, बिखरा सामान, मलबे के ढेर व चारों तरफ सन्नाटा पसरा है।
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अपने नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद किसान अब पूरी तरह से सरकार व पुलिस प्रशासन के सामने घुटने टेक चुके हैं। बॉर्डर पर अपना सामान बांध रहे किसानों ने कहा कि फिलहाल उनके पास आगे की कोई रणनीति नहीं है। वह अपने नेताओं के जेल से बाहर आने का इंतजार करेंगे। उसके बाद नेता बैठक करके मांगों को लेकर आगे के संघर्ष के बारे में फैसला करेंगे।