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शंभू बॉर्डर से ग्राउंड रिपोर्ट: जहां ढाई किमी तक बसी थी टेंट सिटी, अब वहां मलबे के ढेर; पसरा है सन्नाटा

Fri, 21 Mar 2025 11:28 AM IST
निवेदिता वर्मा रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला

सार

करीब 13 महीने पहले साल 13 फरवरी, 2024 में किसान दिल्ली कूच के लिए पंजाब के अलग-अलग कोनों से अपने ट्रैक्टर-ट्रालियों पर रवाना हुए थे, लेकिन शंभू व खनौरी बॉर्डरों पर किसानों को हरियाणा सरकार की तरफ से बैरिकेडिंग करके रोक लिया गया था। तब से किसान बाॅर्डरों पर ही बैठे थे। 
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शंभू बॉर्डर पर किसानों की स्टेज को तोड़ कर हाइवे किनारे फेंका। - फोटो : संवाद
जिस शंभू बाॅर्डर पर ढाई किलोमीटर के एरिया में किसानों ने पूरी एक टेंट सिटी बसा ली थी। जहां उनकी जरूरत का हर सामान उपलब्ध था। किसानों ने अपने अस्थायी घरों से लेकर दफ्तर, लंगर हाॅल, स्टोर रूम, शौचालय तक बना लिए थे, अब वहां पुलिस एक्शन के बाद टूटे टेंट, बिखरा सामान, मलबे के ढेर व चारों तरफ सन्नाटा पसरा है।

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अपने नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद किसान अब पूरी तरह से सरकार व पुलिस प्रशासन के सामने घुटने टेक चुके हैं। बॉर्डर पर अपना सामान बांध रहे किसानों ने कहा कि फिलहाल उनके पास आगे की कोई रणनीति नहीं है। वह अपने नेताओं के जेल से बाहर आने का इंतजार करेंगे। उसके बाद नेता बैठक करके मांगों को लेकर आगे के संघर्ष के बारे में फैसला करेंगे।
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शंभू बाॅर्डर पर बने टेंटों को तोड़ती जेसीबी - फोटो : अमर उजाला
शंभू बाॅर्डर पर सजा निशान साहिब भी उतारा गया
शंभू बाॅर्डर पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब का स्वरूप सुशोभित था और निशान साहिब भी सजा था। बाद दोपहर सिख मर्यादा के मुताबिक श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप को बार्डर से ले जाया गया और निशान साहिब को भी उतार लिया गया।
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शंभू बाॅर्डर - फोटो : अमर उजाला
ढाई किलोमीटर तक लगे थे टेंट ही टेंट
इस दौरान किसानों ने शंभू बाॅर्डर पर ढाई किलीमोटर के एरिया में पूरी एक टेंट सिटी बसा ली थी। किसानों ने टेंटों में अपने अस्थायी घर बना लिए थे। ट्रैक्टर-ट्रालियों को भी तिरपालों से ढक कर घरों का रूप दिया गया था।

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शंभू बाॅर्डर - फोटो : अमर उजाला
किसानों ने लगाया सामान चोरी करने का आरोप
अमर उजाला से बात करते हुए बीकेयू एकता सिद्धूपुर के इकाई प्रधान सुखबीर सिंह मोही ने कहा कि पंजाब सरकार ने पूरी प्लानिंग करके बैठक से लौटते उनके किसान नेताओं को रास्ते से उठाया। इसके बाद बाॅर्डरों पर पुलिस ने एक्शन करके किसानों को वहां से खदेड़ा और उनके सारे सामान को तोड़-फोड़ दिया। बुलडोजर की मदद से मंच को ढहा दिया, उनके टेंट उखाड़ दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों का करीब ढाई से तीन लाख रुपये का सामान चोरी हो गया है। इसमें ट्रैक्टर-ट्राॅली समेत एसी, इन्वर्टर, बैटरियां वगैरह शामिल हैं। 

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शंभू बाॅर्डर - फोटो : अमर उजाला
समय तो देना चाहिए था
किसान नेता कुलदीप सिंह ने कहा कि सरकार को किसानों पर अचानक से इस तरह का एक्शन नहीं करना चाहिए था। किसानों को दो-तीन दिनों का समय देना चाहिए था। किसानों ने गांव-गांव जाकर लोगों से आर्थिक मदद लेकर व खुद अपनी जेब से खर्च करके बाॅर्डर पर पंखे, कूलर, एसी, इन्वर्टर, बैटरियों व अन्य साजो सामान का इंतजाम किया था। किसान नेता ने कहा कि आज की घड़ी किसान वर्ग पूरी तरह से हताश व निराश है। आम लोगों से भी किसानों को कोई सहयोग नहीं मिला।
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शंभू अंबाला हाईवे - फोटो : संवाद
बाॅर्डर पर किसानों से जुटने की अपील कर रहे नेता
कुछ किसान नेता सोशल मीडिया पर वीडियो डाल कर किसानों को यह अपील करते रहे कि अभी शंभू बाॅर्डर पर आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है। इसलिए जल्द से जल्द बड़ी गिनती में किसान बाॅर्डर पर पहुंचे। जब अमर उजाला ने शंभू बार्डर का दौरा किया, उस समय कुछ किसान ही बाॅर्डर पर मौजूद थे। निराश किसान मीडिया से बात करने से बच रहे थे।
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