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Sardool Sikander Death : जब पहली बार विदेश जाने के लिए सरदूल सिकंदर को 70 किलोमीटर चलानी पड़ी थी साइकिल

Wed, 24 Feb 2021 03:37 PM IST
निवेदिता वर्मा अमित शर्मा, अमर उजाला, मोहाली (पंजाब)
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पंजाबी गायक सरदूल सिकंदर पत्नी के साथ। - फोटो : फाइल फोटो
पंजाबी गायक सरदूल सिकंदर भले ही इस दुनिया को अलविदा कह गए हैं लेकिन लोगों के दिलों में उनके प्रति जो प्यार है, वह कभी कम नहीं होगा। इस मुकाम को हासिल करने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की थी। बेहद नम्र स्वभाव के सरदूल ने कैरियर की शुरुआत में कई कठिनाइयों का सामना किया। ऐसा ही एक वाकया उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में साझा किया था। सरदूल ने बताया था कि 1988 में उनके ग्रुप का पहला विदेशी दौरा था। उन दिनों पंजाब में बाढ़ आई थी। गाड़ियां तक बंद थी। ऐसे में वह और उनके साथी साइकिलों पर अपनी अटैची और इंस्ट्रूमेंट रखकर चंडीगढ़ पहुंचे थे। उन्होंने अपने घर से चंडीगढ़ तक पहुंचने के लिए करीब 70 किलोमीटर तक खुद साइकिल चलाई थी। इसके बाद वह दिल्ली पहुंचे और बाद में वहां से फ्लाइट लेकर विदेश गए थे। आज के युवाओं को साइकिल पर जाना पड़ जाए तो वह ऐसा नहीं कर पाएंगे।
 
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पंजाबी गायक सरदूल सिकंदर प्रसिद्ध निर्देशक दर्शन औलख और मनमोहन सिंह के साथ। - फोटो : फाइल फोटो
1990 का समय इंडस्ट्री का सबसे बढ़िया समय था
सरदूल कहते थे कि साल 1990 का समय इंडस्ट्री का गोल्डन नहीं बल्कि प्लेटिनम पीरियड था। उस समय पैसा भी था, साथ ही सुकून भी था। सब कुछ था। लेकिन अब समस्या यह है कि समय ही नहीं है। उन्होंने बताया कि एक समय था, जब शो की जगह पर पहुंचने के लिए जल्दी निकलना पड़ता था। उनके फैंस दीदार के बिना उन्हें आगे नहीं बढ़ने देते थे।  
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पंजाबी गायक सरदूल सिकंदर : अपने परिवार के साथ सरदूल सिकंदर (हारमोनियम बजाते हुए) - फोटो : फाइल फोटो
'हुसना दे मालिकों' गीत की बिकी थी पचास लाख कापी 
सिंकदर के गीत 'हुसना दे मालिकों' गीत को लोगों ने काफी पसंद किया था। उस समय इस गाने की पचास लाख कापी सेल हुई थी। अब बिल्कुल अलग माहौल है। कलाकार आसानी से लोग तक पहुंच करते हैं। लोग आपको लाइक करते हैं। आपके वीडियो देखते हैं लेकिन शो में दिलचस्पी नहीं लेते।
 

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पंजाबी गायक सरदूल सिकंदर: पत्नी अमर नूरी के साथ सरदूल सिकंदर। - फोटो : फाइल फोटो
कलाकार के अंदर का बच्चा कभी नहीं मरना चाहिए
सिंकदर कहते थे कि आप चाहे जितने बड़े स्टार बन जाएं लेकिन आपके अंदर का बच्चा कभी नहीं मरना चाहिए। टेंशन कभी नहीं लेनी चाहिए। धर्मेंद्र जी ने अली बाबा चालीस चोर फिल्म कई साल पहले बनाई थी। उस पर सोलह करोड़ रुपये लागत आई थी। फिल्म नहीं चली। जबकि एक फिल्म निकाह आई थी। उस पर अस्सी लाख रुपये लागत आई थी। उसने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। उन्होंने कहा कि गाना या फिल्म के हिट या फ्लॉप होने पर ज्यादा टेंशन नहीं लेनी चाहिए। बल्कि काम करते रहना चाहिए।
 
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पंजाबी गायक सरदूल सिकंदर - फोटो : फाइल फोटो
इंडिया में जिंदगी हमे जी रही है, हम जिंदगी को नहीं
सरदूल के पास कनाडा की नागरिकता थी। वे जब भी गुरु घर जाते थे। उस समय वह एक ही दुआ करते थे कि हे मालिक इंडिया के हर नागरिक को यहां आने की ताकत बक्श दे। भले ही वह दस दिन बाद यहां से चला जाए। उसे पता चलना चाहिए कि जिंदगी क्या होती है। उन्होंने बताया कि इंडिया में हम जिंदगी जी नहीं रहे। बल्कि जिंदगी हमें जी रही है।
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