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Kulgam Encounter: 'चिंता मत करना, जल्दी लौटूंगा...', प्रीतपाल ने कहे थे आखिरी शब्द, परिवार से किया था ये वादा

Sun, 10 Aug 2025 11:42 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लुधियाना

सार

कुलगाम में बलिदान हुए लुधियाना जिले के मानुपुर गांव के जवान प्रीतपाल सिंह ने शुक्रवार को दिन में परिवार से बात की थी। इस दौरान उन्होंने कहा था कि चिंता मत करना, मैं जल्दी लौटूंगा। उन्होंने दिवाली घर पर मनाने का वादा किया था।
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Kulgam Encounter - फोटो : अमर उजाला
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में बलिदान हुए लुधियाना जिले के मानुपुर गांव के जवान प्रीतपाल सिंह (29) ने शुक्रवार देर रात वीरगति प्राप्त की। मात्र छह महीने पहले शादी के बंधन में बंधे प्रीतपाल की शहादत की खबर से गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

शहीद के बड़े भाई मनप्रीत सिंह ने बताया कि शुक्रवार को उनकी प्रीतपाल से फोन पर आखिरी बार बात हुई थी। ऑपरेशन पर निकलते समय भी उन्होंने घर वालों को हौसला दिया और कहा था- चिंता मत करना, मैं जल्दी लौटूंगा।
 
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प्रीतपाल सिंह की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उन्होंने बताया था कि आतंकियों को पकड़ने के लिए ऑपरेशन चल रहा है और गोलीबारी जारी है। शनिवार सुबह यूनिट के एक साथी ने फोन कर बताया कि प्रीतपाल घायल हो गए हैं और अस्पताल में भर्ती हैं लेकिन कुछ ही देर बाद यूनिट के एक अधिकारी का फोन आया कि आपके भाई ने देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी।

 
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चूड़ा पहने प्रीतपाल सिंह की पत्नी एवं परिवार के अन्य सदस्य। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मानुपुर की ही मनप्रीत कौर से हुई थी प्रीतपाल की शादी
ये सुनते ही मेरे पैरों तले से जमीन खिसक गई, मैं कुछ बोल ही नहीं पाया। 26 फरवरी 2025 को प्रीतपाल की शादी मानुपुर की ही मनप्रीत कौर से हुई थी। शादी के दो महीने बाद अप्रैल में वे ड्यूटी पर लौट गए।

 

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प्रीतपाल सिंह की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अगस्त के आखिर में वे छुट्टी लेकर घर आने वाले थे और दिवाली के बाद ड्यूटी पर लौटने का वादा किया था। यह उनकी पत्नी के साथ पहली दिवाली होती लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। परिवार और पत्नी को उम्मीद थी कि इस बार के त्योहार वे साथ मनाएंगे लेकिन अब उनकी जगह सिर्फ यादें रह गई हैं।
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देश के लिए शहीद हुए पंजाब के दोनों जवान। - फोटो : संवाद
अभी नहीं उतरी पत्नी के हाथों की मेहंदी
जैसे ही बलिदान की खबर गांव पहुंची तो पूरे इलाके में सन्नाटा छा गया। मानुपुर के लोग घर-घर से निकलकर शहीद के घर पहुंचे। परिजन, रिश्तेदार और ग्रामीण सबकी आंखें नम थीं। पत्नी मनप्रीत कौर गुमसुम बैठी थीं, हाथों की मेहंदी और चूड़ा देखकर लोग रो पड़े। गांव में सिर्फ एक ही चर्चा थी कि हमारा लाल देश के लिए कुर्बान हो गया। 

 
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कुलगाम जिले में अखल के जंगल में मुठभेड़ जारी - फोटो : पीटीआई
प्रीतपाल सिंह का पार्थिव शरीर रविवार को मानुपुर पहुंचेगा जहां सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। गांव में शहीद की अंतिम यात्रा की तैयारी शुरू हो चुकी है। सैकड़ों लोग उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए जुटने लगे हैं। मानुपुर का यह वीर सपूत भले ही आज हमारे बीच नहीं है, लेकिन उसकी शहादत हमेशा आने वाली पीढ़ियों को देश सेवा का संदेश देती रहेगी।
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कुलगाम के अखल में मुठभेड़ जारी - फोटो : पीटीआई
अभी तक नौ जवान जख्मी, दो आतंकी ढेर
कुलगाम के अखल में ऑपरेशन के दौरान अभी तक सुरक्षाबलों के नौ जवान घायल हुए हैं। मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए हैं। इनमें से केवल एक की ही शिनाख्त पुलवामा के हारिस नजीर के तौर पर हुई है जो 2023 से लश्कर-ए-तैयबा में सक्रिय था। यह मुठभेड़ पिछले शुक्रवार को शुरू हुई थी जब सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद दक्षिण कश्मीर जिले के अखल के एक जंगली इलाके में कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन शुरू किया था।

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ऑपरेशन महादेव के दौरान श्रीनगर के बाहरी इलाके में मुठभेड़ स्थल के पास तैनात सुरक्षाबल। - फोटो : बसित जरगर
इस ऑपरेशन को सेना की स्पेशल पैरा फोर्स, 9 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), जम्मू कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी), कुलगाम पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों की ओर से अंजाम दिया जा रहा है।
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ऑपरेशन महादेव के दौरान श्रीनगर के बाहरी इलाके में मुठभेड़ स्थल के पास तैनात सुरक्षाबल। - फोटो : बसित जरगर
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा व उमर ने दी श्रद्धांजलि
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को कुलगाम में जारी मुठभेड़ में बलिदान हुए दो सैन्य कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उनकी वीरता, साहस और दृढ़ संकल्प को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की और बादामी बाग स्थित सेना की चिनार कोर मुख्यालय का दौरा किया। 
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