कोरोना से डरे मजदूरों के डर का फायदा उठाने में भी निजी ट्रांसपोर्ट पीछे नहीं हैं। लुधियाना में निजी ट्रांसपोर्ट मालिक 36 सीटर स्लीपर बस में 100 से ज्यादा प्रवासियों को ठूंसकर ले जा रहे हैं लेकिन कोई इसके खिलाफ आवाज तक नहीं उठा रहा। लुधियाना से यूपी और बिहार जाने के लिए एक प्रवासी से 1500 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। कई प्रवासियों से इससे ज्यादा पैसा भी लिया जा रहा है। हैरानीजनक बात तो यह है कि कोरोना महामारी के दौरान सुरक्षित शारीरिक दूरी का भी पालन नहीं किया जा रहा। निजी ट्रांसपोर्ट मालिक आम दिनों वाले किराए का लालच देकर क्षमता से तीन गुना अधिक सवारियां बिठा रहे हैं। अकेले लुधियाना के बस स्टैंड के साथ सटे बस स्टैंड से प्रतिदिन 30 से 40 बसें यूपी और बिहार की तरफ जा रही हैं। गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बाद पंजाब सहित कई राज्यों में नाइट कर्फ्यू के साथ अब लॉकडाउन का सिलसिला शुरू हो चुका है।
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लुधियाना से घर लौट रहे मजदूर।
- फोटो : अमर उजाला
लुधियाना में दुगरी फेस वन और टू में 70 संक्रमण केस आने के बाद इन दोनों एरिया में पूरी तरह से लॉकडाउन कर दिया है। ऐसे में लुधियाना की इंडस्ट्री में काम कर रहे प्रवासियों में हड़कंप का माहौल साफ दिखने लगा है। लुधियाना के बस स्टैंड के साथ सटे स्टैंड पर लगातार टेंपो में प्रवासियों के आने का सिलसिला जारी है। किसी भी तरह वह अपने घरों को लौटना चाह रहे हैं। क्योंकि वह इस बार बीते साल की तरह पैदल चलकर अपने घर नहीं जाना चाहते।
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लुधियाना में घर जाने के लिए लगी मजदूरों की लाइन।
- फोटो : अमर उजाला
लुधियाना के बस स्टैंड पर मिले गांव सहजनमा (गोरखपुर) वासी मनिंदर कुमार ने बताया कि वह अपने घर लौट रहे हैं, क्योंकि हर तरफ लॉकडाउन की स्थिति बनती जा रही है। ऐसे में यहां पर कामकाज भी ठप हो रहे हैं। फिर से भूखे मरने की नौबत आ जाएगी। इसलिए अपने घर जाना बेहतर है। उन्होंने घर जाने के लिए 1500 रुपये का टिकट लिया है।
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लुधियाना से घर लौटने लगे मजदूर।
- फोटो : अमर उजाला
रोशन कुमार ने बताया कि वह भी गोरखपुर जा रहे हैं क्योंकि यहां कब पूरी तरह से लॉकडाउन लग जाए कुछ नहीं कहा जा सकता है। ऐसे में उनके लिए घर जाना ही बेहतर होगा। अगर देर हुई तो फिर पता नहीं यह बस भी मिले या नहीं।
लुधियाना में घर जाने के लिए लगी मजदूरों की लाइन।
- फोटो : अमर उजाला
हर रोज बढ़ रही है प्रवासियों की संख्या
बीते तीन दिन से प्रवासियों को जाने का सिलसिला चल रहा है, सोमवार से इसमें तेजी आ गई है। ज्यादातर प्रवासी बिहार और यूपी की तरफ जा रहे हैं। हर रोज यहां से तीस से चालीस बसें जा रही हैं। फिलहाल हमारी कंपनी एक प्रवासी से एक हजार रुपये से 12 सौ रुपये वसूल रही है। जिस तरह से संख्या बढ़ रही है बसें कम पड़ रही हैं। सभी बस आपरेटर्स और बसों का इंतजाम कर रहे हैं। - सुखविंदर सिंह, गिल ट्रैवल, लुधियाना