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दर्दनाक: एक साथ जलीं 26 संक्रमितों की चिताएं, दहल गए वालंटियर, हाथ जोड़कर बोले-कोरोना को हल्के में न लें 

Tue, 27 Apr 2021 07:15 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)
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लुधियाना में एक साथ जलीं 26 चिताएं। - फोटो : अमर उजाला
पंजाब में कोरोना का कहर बढ़ता ही जा रहा है। लुधियाना इस समय प्रदेश में सबसे अधिक प्रभावित है। सोमवार को दो श्मशान घाट में एक साथ 26 कोरोना मृतकों का अंतिम संस्कार किया गया। देर रात तक शव जलते रहे। इतने शवों को देखकर संस्कार करवाने वाले वालंटियरों के दिल भी दहल गए। दो वालंटियर बेहोश तक हो गए। रात 9 बजे तक शवों के अंतिम संस्कार का सिलसिला जारी था। इसके बाद वालंटियर्स ने देर रात सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया। इसमें उन्होंने लोगों से अपील की कि वह कोरोना को हल्के में न लें। जिस तरह कोरोना से मरने वालों की संख्या बढ़ रही है उससे उनका दिल भी दहल चुका है। 
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अंतिम संस्कार करवाने वाले वालंटियर। - फोटो : अमर उजाला
मंदीप केशव उर्फ गुड्डू ने बताया कि वह पहले लॉकडाउन के समय पंजाब पुलिस के साथ बतौर ट्रैफिक मार्शल के तौर पर जुड़े थे। उस समय भी जब लोग कोरोना संक्रमित का शव ले जाने से पीछे हट जाते थे वह और उनकी टीम संस्कार करती थी। अब तक वह एक दिन में एक साथ 19 संस्कार कर चुके हैं लेकिन सोमवार का दिन बुरे सपने से कम नहीं लग रहा था। 
 
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21 साल का वालंटियर - फोटो : अमर उजाला
सोमवार को एक साथ 26 कोरोना संक्रमित शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इसमें 13 संस्कार दाना मंडी स्थित श्मशान घाट में किए गए जबकि 13 दूसरे श्मशान घाट में। सुबह से लेकर रात नौ बजे तक अंतिम संस्कार का सिलसिला जारी था। दोपहर बाद जब एक साथ पांच चिताएं जलीं तो उनके दो वालंटियर बेहोश होकर गिर गए थे। उन्हें कुछ देर आराम दिया गया। इसके बाद वे दोबारा इसी काम में जुट गए। 


 

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लुधियाना में एक साथ जलीं 26 चिताएं। - फोटो : अमर उजाला
वालंटियर एडवोकेट गोपाल तो इतने शवों को देखकर रोने लगे। उनका कहना था इसमें उनका एक रिश्तेदार भी है। उसे बचाने के लिए उन्होंने बहुत प्रयास किया। वह खुद वालंटियर के तौर पर काम करते आ रहे हैं लेकिन ऐसा मंजर देखकर उनका दिल कहता है कि भगवान उनसे ऐसी सेवा ना ही ले तो अच्छा है। 
 
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संक्रमितों के अंतिम संस्कार के बाद हताश खड़े वालंटियर। - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने लोगों से अपील की जो लोग कहते हैं कि कोरोना नाम की कोई चीज नहीं हैं या फिर तंज कसते हैं कि क्या कोरोना रात को आता है। वह एक बार वीडियो के माध्यम से यह मंजर देख लें। उन्हें खुद पता चल जाएगा कि आखिरकार कोरोना कितना बेदर्द है।
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