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हम किसी से कम नहीं: दिल्ली से दो कदम आगे हैं पंजाब के स्कूल, स्कूली शिक्षा पर जारी रैंकिंग में भी दिल्ली को दे चुका है मात 

Thu, 28 Apr 2022 12:44 PM IST
निवेदिता वर्मा मनमोहन सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)
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पंजाब के स्मार्ट स्कूल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
शिक्षा जिंदगी में दीपक की लौ की तरह है। अब बदलाव की बयार में पंजाब का शिक्षा स्तर फिर चर्चा में है। पंजाब में शिक्षा का दिल्ली मॉडल थोपने की तैयारी चल रही है। जमीनी हकीकत यह भी है कि पंजाब के स्कूल भी दिल्ली से कम नहीं हैं। 

स्कूली शिक्षा पर जारी ताजा रैंकिंग में पंजाब को नंबर एक और दिल्ली को 6वां स्थान मिला है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और शिक्षा मंत्री मीत हेयर ने दिल्ली के सरकारी स्कूलों का दौरा कर पंजाब में वहां का शिक्षा मॉडल लागू करने की बात कही है। इस संबंधी दिल्ली सरकार के साथ समझौता भी किया गया है। सोशल मीडिया पर दिल्ली के स्कूलों की तस्वीरों को आप के नेतागण वायरल कर रहे हैं, जबकि पंजाब के स्कूलों का भी अपना जलवा है। बात लाइब्रेरी की हो या साइंस लैब की, कंप्यूटर क्लासों की हो या स्मार्ट क्लासों की, साफ सफाई की हो या इमारत की, फर्नीचर की हो या स्कूल की दीवारों पर हुए ज्ञानवर्धक आर्ट की इनका कोई मुकाबला नहीं है। अब तो पंजाब के सभी सरकारी स्मार्ट स्कूलों में इंग्लिश स्पोकन-लिस्निंग लैब भी स्थापित की गई हैं।  
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मैरिटोरियस स्कूल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
जालंधर का मेरिटोरियस स्कूल : दो साइंस लैब, लाइब्रेरी, कंप्यूटर रूम और 20 स्मार्ट क्लासेस, 100 फीसदी रिजल्ट 
जालंधर-कपूरथला रोड पर स्थित मेरिटोरियस सरकारी स्कूल को प्रिंसिपल धरमिंदर रैना और स्कूल प्रभारी जागृति तिवारी संभाल रहे हैं। वे कहते हैं कि दिल्ली को हमसे सीखने की जरूरत है। हमारे स्कूल विश्व स्तर के हैं और 100 फीसदी रिजल्ट है। स्कूल में अभी 155 विद्यार्थी हैं और नए सत्र के लिए जल्द प्रतियोगी परीक्षा होनी है। मेरिटोरियस स्कूल की इमारत होटलों को मात देती है। स्कूल में टॉप क्लास 2 साइंस लैब, विश्व स्तर की लाइब्रेरी, कंप्यूटर रूम, इंग्लिश स्पोकन-लिस्निंग रूम और 20 स्मार्ट क्लासेज बनाई गई हैं। स्कूल के प्रबंधक कहते हैं कि हम तो नंबर वन हैं, दिल्ली हमसे मुकाबला कर रही है। पहले बराबर तो हो जाएं, फिर बदलाव की सोचें।  
 
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गाखल धालीवाल स्कूल में बना बैडमिंटन कोर्ट। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
2003 में गाखल धालीवाल के सरकारी स्कूल में थे 6 कंप्यूटर, आज हैं 26 स्मार्ट क्लास रूम
दिल्ली का शिक्षा मॉडल पंजाब में लागू करने के बजाय स्कूलों पर ध्यान दिया जाए तो पंजाब शिक्षा स्तर में नंबर वन रहेगा। जालंधर के गांव गाखल धालीवाल में 1968 में स्कूल को सरकारी कर दिया गया था और सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूल गाखल धालीवाल नाम रखा गया। इसके संस्थापक मास्टर गुरबंता सिंह थे। स्कूल 608 बच्चों के लिए शिक्षा का मंदिर है, जिसे एनआरआई फंड से संवारा गया।

प्रिंसिपल ललित मोहन और स्टेट अवार्डी अध्यापक कुलविंदर सिंह गाखल ने बताया कि हम दशकों से स्मार्ट हैं। जब कहीं कंप्यूटर नहीं थे तब 2003 में स्कूल में 6 कंप्यूटर थे। आज बच्चों को टैबलेट से पढ़ाते हैं। स्कूल में 24 स्मार्ट रूम में हैं। इनमें 1 लाइब्रेरी, कंप्यूटर रूम, फिजिक्स-केमिस्ट्री और बॉयो तीनों की अलग-अलग लैब, एनएस हेल्थ केयर लैब, स्मार्ट बैडमिंटन कोर्ट, बॉस्केटबाल कोर्ट, गाइडेंस काउंसलिंग रूम और सिक्योरिटी लैब हैं। स्कूल में पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद का पूरा ध्यान रखा जाता है। आज इसी स्कूल में कभी छात्र रहे कुलविंदर सिंह गाखल अध्यापक हैं और उन्हें बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए स्टेट अवार्ड भी मिल चुका है। 

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सरकारी स्कूल मंड में बनी साइंस लैब। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
बदलाव की जरूरत पिछड़े स्कूलों को है, हम सबसे बेहतर 
सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूल मंड के प्रिंसिपल भूपिंदर पाल सिंह का कहना है कि स्कूल में 26 क्लास रूम हैं। यहां करीब एक हजार विद्यार्थी पढ़ते हैं। बदलाव की जरूरत पिछड़े स्कूलों को है। हम सबसे बेहतर हैं। जब सिलेबस नहीं बदलने वाला तो हम दिल्ली से पंजाब की शिक्षाप्रणाली में क्या लेकर आ रहे हैं। पंजाब के स्कूलों की दीवारों पर की गई चित्रकारी अपने आम में खास प्रभाव छोड़ती है। स्कूल में तीनों साइंस लैब, कंप्यूटर रूम सहित सभी सुविधाएं हैं। स्कूल में कपूरथला के बच्चे भी पढ़ने आते हैं, क्योंकि पंजाब के सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा मिल रही है।
 
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पंजाब के स्मार्ट स्कूल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
खैहरा ने सरकारी स्कूल की फोटो अपलोड कर कहा- हमारे स्कूल अव्वल...
विधायक सुखपाल खैहरा ने अपने गांव रामगढ़ के सरकारी स्कूल की फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर वायरल की है। उन्होंने कहा है कि स्कूल में स्मार्ट क्लासरूम, कंप्यूटर लैब और बैडमिंटन कोर्ट से लेकर सारी सुविधाएं हैं। ऐसा नहीं है पंजाब की शिक्षा प्रणाली खस्ता हो चुकी है, हां कुछ कमियां हो सकती हैं, क्योंकि पंजाब दिल्ली के मुकाबले बड़ा प्रदेश है। आप पार्टी हर वक्त दिल्ली मॉडल का गुणगान करती है। उन्हें पंजाब की शिक्षा प्रणाली पर भरोसा करना चाहिए। 
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