पंजाब के अमृतसर की ऐतिहासिक नमक मंडी की शिव गली (कुत्तों वाली गली) से शुरू हुआ भजन गायक नरेंद्र चंचल का सफर बहुत ही संघर्षों से भरा रहा। चंचल पंजाब के पहले भजन गायक थे, जिन्होंने जागरण में मां की भेंटों के बीच बाबा बुल्ले शाह के कलाम को जोड़ा और गाया। नरेंद्र चंचल का खुले पंडालों में मां की भेंट गाने का अंदाज इतना अलग और दिल को छू लेने वाला था कि जल्दी ही उनकी गायन शैली पूरे पंजाब में प्रसिद्ध हो गई। इसी शैली ने उन्हें बॉलीवुड में एंट्री दिला दी।